Somnath Bharti Case: दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती और 16 लोग बरी, अफ्रीकी महिलाओं से मारपीट के केस में कोर्ट का फैसला
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व कानून मंत्री सोमनाथ भारती और उनके साथ 16 अन्य लोगों को बरी कर दिया है। यह मामला साल 2014 का था जिसमें अफ्रीकी मूल की महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने इस फैसले में साफ कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में नाकाम रहा।
कोर्ट ने बरी करने का क्या कारण बताया?
अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नेहा मित्तल ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़ितों के बयान स्वीकार नहीं किए जा सकते क्योंकि वे अदालत में पेश नहीं हुईं। कोर्ट ने यह भी पाया कि किसी भी तरह की गैरकानूनी भीड़ का सबूत नहीं मिला। इसके अलावा केस दर्ज करने में हुई देरी को भी साबित नहीं किया जा सका।
क्या था पूरा मामला और कब हुई घटना?
यह मामला 15 और 16 जनवरी 2014 की रात का है। दक्षिण दिल्ली के खिरकी एक्सटेंशन में आधी रात को छापेमारी के दौरान अफ्रीकी महिलाओं के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इसके बाद 18 जनवरी 2014 को मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में एक युगांडा की महिला की शिकायत पर एफआईआर दर्ज हुई थी। इस केस में भारती और अन्य के खिलाफ 2018 में आरोप तय किए गए थे।
सोमनाथ भारती ने फैसले के बाद क्या कहा?
सोमनाथ भारती ने कहा कि उन्होंने कोई छापेमारी नहीं की थी और पुलिस को कार्रवाई के लिए कहना गलत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने विदेशी नागरिकों द्वारा ड्रग और मानव तस्करी की जानकारी पुलिस को दी थी लेकिन कोई एक्शन नहीं लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस कथित पीड़ितों को कोर्ट में पेश नहीं कर सकी।