पर्यावरण कार्यकर्ता Sonam Wangchuk को 18 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के जंतर-मंतर स्थित उनके प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया है। वे NEET पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 जून 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे। अस्पताल में भर्ती होने से पहले उन्होंने लगभग 9 किलो वजन कम कर दिया था।
पुलिस और प्रशासन का रुख
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई Delhi High Court के आदेशों और डॉक्टरों की सलाह पर की गई है। कोर्ट ने पहले ही निर्देश दिया था कि प्रदर्शनकारी के स्वास्थ्य की दैनिक जांच की जाए और उनकी जान बचाने के लिए हर संभव चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई जाए। फिलहाल, उन्हें Safdarjung Hospital में भर्ती कराया गया है।
विशाल ददलानी और परिवार की प्रतिक्रिया
गायक और संगीतकार Vishal Dadlani ने Sonam Wangchuk को जबरन हटाए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने सवाल किया कि लोग इस तरह की कार्रवाई के खिलाफ कब आवाज उठाएंगे। वहीं, वांगचुक की पत्नी Gitanjali J. Angmo ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर उन्हें किसी निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग की है। उनका कहना है कि परिवार और डॉक्टरों की सहमति के बिना कोई भी इलाज नहीं दिया जाना चाहिए।
आगे का कदम
अस्पताल में होने के बावजूद, वांगचुक ने अपने समर्थकों से 20 जुलाई 2026 को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन Chalo Sansad मार्च को जारी रखने का आग्रह किया है। उनके समर्थन में Cockroach Janta Party (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
