Strait of Hormuz के पास दक्षिण कोरिया के एक कार्गो जहाज HMM Namu पर हमला हुआ था. अब दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बयान दिया है कि इस हमले के पीछे ईरान के अलावा किसी और का हाथ होना मुश्किल है. इस गंभीर मामले की गहराई से वैज्ञानिक जांच करने के लिए दक्षिण कोरिया ने अपनी एक खास तकनीकी टीम दुबई भेजी है.

जहाज पर हमला कैसे हुआ और अब तक क्या पता चला?

दक्षिण कोरियाई शिपिंग फर्म HMM Co. के पनामा-फ्लैग वाले जहाज HMM Namu पर 4 मई 2026 को हमला हुआ था. दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने 10 मई को अपनी जांच में बताया कि जहाज पर कुछ अज्ञात उड़ने वाली चीजों (airborne objects) से हमला हुआ था, जिसकी वजह से वहां विस्फोट हुआ और आग लग गई.

  • हमले की तारीख: 4 मई 2026
  • जांच का नतीजा: अज्ञात उड़ने वाली चीजों से टक्कर और विस्फोट
  • आधिकारिक बयान: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Wi Sung-lac ने कहा कि जहाज ने समुद्री नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया था

जांच के लिए दुबई क्यों भेजी गई टीम?

14 मई 2026 को दक्षिण कोरिया ने 10 सदस्यों की एक टेक्निकल एनालिसिस टीम दुबई भेजी है. इस टीम में Agency for Defense Development के एक्सपर्ट शामिल हैं. इनका मुख्य काम जहाज के क्षतिग्रस्त हिस्से (hull) की जांच करना और इंजन के मलबे का विश्लेषण करना है ताकि हमले की असली वजह पता चल सके. टीम इस मलबे को आगे की जांच के लिए वापस दक्षिण कोरिया भी ले जाएगी.

अमेरिका और ईरान का इस मामले पर क्या कहना है?

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और दक्षिण कोरिया से समुद्री सुरक्षा प्रयासों में शामिल होने को कहा. अमेरिका ने इस घटना से जुड़ी खुफिया जानकारी भी दक्षिण कोरिया के साथ साझा की है. दूसरी तरफ, ईरान ने इस हमले में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से साफ इनकार किया है और सियोल स्थित ईरानी दूतावास ने भी इस बात की पुष्टि की है. वहीं, दक्षिण कोरिया के प्रेसिडेंशियल ब्लू हाउस ने 11 मई को इस हमले की कड़ी निंदा की थी.

Frequently Asked Questions (FAQs)

दक्षिण कोरियाई जहाज HMM Namu पर हमला कब और कहां हुआ था?

यह हमला 4 मई 2026 को Strait of Hormuz के पास हुआ था, जिसमें अज्ञात उड़ने वाली चीजों के टकराने से जहाज में विस्फोट और आग लग गई थी.

जांच के लिए दुबई में कौन सी टीम भेजी गई है?

14 मई 2026 को 10 सदस्यों की एक तकनीकी टीम दुबई भेजी गई है, जिसमें Agency for Defense Development के विशेषज्ञ शामिल हैं जो जहाज के मलबे की वैज्ञानिक जांच करेंगे.