दक्षिण कोरिया की सरकार ने उन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है जिसमें कहा जा रहा था कि वह ईरान को अपने जहाजों के गुजरने के लिए पैसा देने पर विचार कर रहा है। राष्ट्रपति भवन Blue House ने साफ कर दिया है कि ईरान की मांग के आगे झुकने का कोई सवाल ही नहीं उठता। दक्षिण कोरिया का मानना है कि समुद्र में जहाजों के आने-जाने की आजादी सभी के लिए सुरक्षित होनी चाहिए और किसी भी तरह का टैक्स वसूलना नियमों के खिलाफ है।

🚨: UAE में ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमले नाकाम, भारतीय समेत 9 प्रवासियों की मौत और 191 घायल

दक्षिण कोरिया ने ईरान की मांग पर क्या सफाई दी?

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि वे Strait of Hormuz से गुजरने के लिए ईरान को किसी भी तरह की फीस देने पर कोई विचार नहीं कर रहे हैं। मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस तरह की खबरें पूरी तरह निराधार हैं। दक्षिण कोरिया ने पहले ही G7 देशों के साथ मिलकर ईरान द्वारा लगाए गए इस प्रतिबंध की निंदा की थी। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी प्राकृतिक जलमार्ग में इस तरह का टोल टैक्स वसूलना गैर-कानूनी है और इससे समुद्री व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा।

विवाद की मुख्य वजह और जहाजों की वर्तमान स्थिति

ईरान और दक्षिण कोरिया के बीच जहाजों की आवाजाही को लेकर तनाव बना हुआ है जिसका सीधा असर समुद्री व्यापार पर दिख रहा है। इसकी मुख्य वजहों को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:

  • ईरान की संसद ने जहाजों पर करीब 20 लाख डॉलर प्रति जहाज तक का टैक्स लगाने का प्रस्ताव रखा था।
  • फरवरी 2026 के अंत से ही 26 दक्षिण कोरियाई जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं।
  • इन जहाजों के रुकने से कंपनियों को रोजाना करीब 1.43 मिलियन डॉलर का भारी नुकसान हो रहा है।
  • ब्रिटेन की अगुवाई में 35 देशों ने इस मामले पर चर्चा करने के लिए एक बैठक भी की है।
  • ईरान का कहना है कि दक्षिण कोरियाई जहाज उनकी सेना से तालमेल बिठाकर वहां से गुजर सकते हैं।

दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार वे अपने फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए कूटनीतिक रास्तों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे इस मामले को शांति से सुलझाना चाहते हैं लेकिन नियमों के खिलाफ जाकर कोई भुगतान करने के पक्ष में नहीं हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.