दक्षिण कोरिया की सरकार ने ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए 17 अरब डॉलर (करीब 25 ट्रिलियन वोन) के विशेष बजट का ऐलान किया है। अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव की वजह से पूरी दुनिया में तेल के दाम बढ़ रहे हैं। राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने जनता से ऊर्जा बचाने की अपील की है और भरोसा दिया है कि फिलहाल बिजली की दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। सरकार ने इसे एक आपातकालीन स्थिति की तरह लिया है ताकि आम आदमी पर महंगाई का असर कम हो सके।

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पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर कितना असर पड़ेगा?

सरकार ने फ्यूल टैक्स में भारी कटौती करने का फैसला लिया है ताकि लोगों को सीधा फायदा मिल सके। पेट्रोल और डीजल पर मिलने वाली छूट को अब मई के अंत तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इसकी पूरी जानकारी नीचे दी गई टेबल में दी गई है:

ईंधन का प्रकार पुराना टैक्स कट नया टैक्स कट प्रति लीटर बचत
Gasoline (पेट्रोल) 7% 15% 65 Won
Diesel (डीजल) 10% 25% 87 Won

ये नई दरें 27 मार्च से ही लागू मानी जाएंगी। कैबिनेट की बैठक में 31 मार्च को इस पर अंतिम मुहर लगेगी और 1 अप्रैल से नियम पूरी तरह प्रभावी हो जाएंगे। इससे आम वाहन मालिकों के साथ-साथ माल ढुलाई करने वाले ट्रक ड्राइवरों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार के अन्य बड़े फैसले और योजनाएं क्या हैं?

  • प्रधानमंत्री Kim Min-seok की अगुवाई में एक Emergency Economy Headquarters बनाया गया है जो कीमतों पर नजर रखेगा।
  • माल ढोने वाले ट्रकों और बसों के लिए तेल सब्सिडी को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया गया है।
  • छोटे और मध्यम उद्योगों की मदद के लिए 17 अरब डॉलर का फंड अगले महीने तैयार किया जाएगा।
  • बाजार में कीमतों को काबू में रखने के लिए 30 साल बाद पहली बार ऑयल प्राइस कैप सिस्टम लागू किया गया है।
  • बिजली सप्लाई करने वाली सरकारी कंपनी KEPCO के घाटे के बावजूद ग्राहकों के लिए फिलहाल बिल नहीं बढ़ाया जाएगा।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह बजट फालतू टैक्स से हुई कमाई से निकाला जाएगा। सरकार की कोशिश है कि मिडिल ईस्ट के युद्ध की वजह से सप्लाई चैन और घरेलू बाजार पर कोई बुरा असर न पड़े। बजट मंत्री Park Hong-keun ने कहा है कि इस बजट को पास करने और लागू करने में किसी भी तरह की देरी नहीं की जाएगी।