दक्षिण कोरिया और ईरान के विदेश मंत्रियों के बीच 2 मई 2026 को फोन पर बातचीत हुई। इस बातचीत में दोनों देशों ने अपने आपसी रिश्तों और इलाके में चल रही हलचल पर चर्चा की। दक्षिण कोरिया अपने उन जहाज़ों को लेकर चिंतित है जो लंबे समय से फंसे हुए हैं, वहीं ईरान ने अमेरिका और इसराइल के साथ अपने विवाद पर अपनी बात रखी।
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य में फंसे जहाज़ों का क्या मामला है?
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun ने बातचीत के दौरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही शुरू करने की मांग की। बताया गया कि फरवरी के अंत में शुरू हुए संघर्ष की वजह से दक्षिण कोरिया के 26 जहाज़ और 170 से ज़्यादा क्रू मेंबर वहां फंसे हुए हैं। Cho Hyun ने उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता वापस आएगी ताकि व्यापार और आवाजाही सामान्य हो सके।
ईरान ने अमेरिका और इसराइल पर क्या आरोप लगाए?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका के साथ चल रही बातचीत पर ईरान का पक्ष साफ किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर कदम उठाए हैं। Araghchi ने किसी भी गलत नतीजे की ज़िम्मेदारी अमेरिका और इसराइल के हमले या “आक्रामकता की जंग” पर डाली। इसके साथ ही उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ रिश्तों को मज़बूत करने और सहयोग के लिए अपनी तैयारी जताई।
राजनयिक प्रयासों पर क्या प्रतिक्रिया आई?
ईरान की एक अर्ध-सरकारी न्यूज़ एजेंसी Mehr News Agency ने दक्षिण कोरिया के रुख की तारीफ की है। एजेंसी के मुताबिक दक्षिण कोरिया वाशिंगटन और तेहरान के बीच अपने रिश्तों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है, जिसे एक सकारात्मक कदम माना गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज़ जलडमरूमध्य में दक्षिण कोरिया के कितने लोग फंसे हैं?
फरवरी के अंत में शुरू हुए विवाद के कारण दक्षिण कोरिया के 26 जहाज़ और 170 से अधिक क्रू मेंबर वहां फंसे हुए हैं।
ईरान ने अपनी सुरक्षा कार्रवाइयों के बारे में क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार अपनी सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं और इसके लिए अमेरिका और इसराइल ज़िम्मेदार हैं।