दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun ने सोमवार को अपने ईरानी समकक्ष Abbas Araghchi से फोन पर बात की और Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंता जताई। दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बातचीत के दौरान उन्होंने युद्ध के वैश्विक अर्थव्यवस्था पर होने वाले असर का भी जिक्र किया। दक्षिण कोरिया का मुख्य उद्देश्य उन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है जो वर्तमान में तनाव के कारण वहां रुके हुए हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की क्या है वर्तमान स्थिति?

Strait of Hormuz में चल रहे तनाव के कारण दक्षिण कोरिया के काफी जहाज वहां प्रभावित हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में करीब 26 दक्षिण कोरियाई जहाज वहां फंसे हुए हैं, जिनमें कुल 179 नाविक मौजूद हैं। दक्षिण कोरियाई सरकार ने ईरान से इन सभी जहाजों और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षित वापसी और सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने की मांग की है। दक्षिण कोरिया उन 22 देशों में शामिल हो गया है जिन्होंने ईरान की इस नाकेबंदी का विरोध किया है।

ग्लोबल इकोनॉमी और सुरक्षा पर पड़ने वाले असर की जानकारी

  • दक्षिण कोरिया के करीब 40 से ज्यादा नागरिक अभी ईरान में मौजूद हैं जिनकी सुरक्षा प्राथमिकता है
  • Strait of Hormuz से होने वाला व्यापार रुकने से दुनिया भर में तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ सकता है
  • दक्षिण कोरिया ने सुरक्षित मार्ग का समर्थन किया है लेकिन अभी तक वहां युद्धपोत भेजने की अमेरिकी मांग पर कोई वादा नहीं किया है
  • ब्रिटेन, फ्रांस और जापान जैसे देश भी इस सुरक्षित मार्ग की मांग के समर्थन में दक्षिण कोरिया के साथ खड़े हैं
  • ईरान से अपील की गई है कि वह अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत जहाजों को बिना किसी बाधा के निकलने दे