South Korea से Middle East आने वाले सामान की ढुलाई अब और महंगी हो गई है। मई के महीने में कंटेनर शिपिंग के खर्चों में लगातार तीसरी बार बढ़ोत्तरी देखी गई है, जिससे सामान मँगाने वाले व्यापारियों और आम लोगों पर बोझ बढ़ सकता है।
Korea Customs Service द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में एक 40 फुट के कंटेनर का औसत किराया पिछले महीने के मुकाबले 4.9% बढ़कर 6.81 मिलियन वॉन (लगभग 4,520 अमेरिकी डॉलर) हो गया है। गौर करने वाली बात यह है कि फरवरी में यह किराया सिर्फ 3.72 मिलियन वॉन था, जो अब काफी बढ़ चुका है।
शिपिंग खर्चों का पूरा ब्यौरा
सिर्फ मिडिल ईस्ट ही नहीं, बल्कि दुनिया के अन्य हिस्सों के लिए भी शिपिंग का खर्च बढ़ा है। इसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:
| रूट (रास्ता) | औसत किराया (मिलियन वॉन में) | कितनी बढ़ोत्तरी हुई |
|---|---|---|
| साउथ कोरिया से मिडिल ईस्ट | 6.81 | 4.9% |
| साउथ कोरिया से US वेस्ट कोस्ट | 5.43 | 10.1% |
| साउथ कोरिया से US ईस्ट कोस्ट | 5.63 | 9.9% |
| साउथ कोरिया से यूरोपीय संघ (EU) | 3.71 | 1.3% |
Dubai Customs के सीनियर कंसल्टेंट Rashid Darwish Almuhairi ने बताया कि क्षेत्र में शिपिंग की दिक्कतों की वजह से लागत बढ़ रही है, सामान पहुँचने में देरी हो रही है और व्यापार के रास्तों को बदलना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि ईंधन की बढ़ती कीमतों, बीमा प्रीमियम और बंदरगाहों पर क्षमता की कमी की वजह से यह समस्या आई है।
वहीं, इस बीच एक बड़ी खबर यह आई है कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 14 जून 2026 को ईरान के साथ शांति समझौते की घोषणा की है। उन्होंने Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खोलने और ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने का आदेश दिया है। उम्मीद है कि इस कदम से भविष्य में शिपिंग के तनाव कम होंगे।
शिपिंग एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई बड़ी कंपनियाँ जैसे Maersk और MSC ने सुरक्षा कारणों से अपने रास्तों को बदला है। अब जहाज Suez Canal के बजाय Cape of Good Hope के रास्ते जा रहे हैं, जिससे सफर लंबा हो गया है और ईंधन का खर्च बढ़ गया है। StoneX के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट Tom Beney ने चेतावनी दी है कि ग्राहकों को ईंधन के अतिरिक्त शुल्क (fuel surcharge) के लिए तैयार रहना चाहिए।
होंगकोंग के lawmaker Tommy Chung Ki-fung ने अनुमान लगाया है कि ईंधन की कीमतों और लंबे रास्तों की वजह से कुल शिपिंग लागत में कम से कम 10% की वृद्धि हो सकती है।