South Korea के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। ईरान द्वारा Strait of Hormuz में नाकेबंदी के बाद, दक्षिण कोरिया का एक तेल टैंकर सऊदी अरब से तेल लेकर रेड सी के रास्ते सफलतापूर्वक निकल गया है। यह पहली खेप है जो इस वैकल्पिक रास्ते से भेजी गई है ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।

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रेड सी के रास्ते तेल कैसे पहुंचा और सरकार ने क्या किया?

सऊदी अरब के Yanbu Port से तेल ले जा रहा यह टैंकर रेड सी के रास्ते निकला। South Korea के Ministry of Oceans and Fisheries ने इस पूरी यात्रा की 24 घंटे निगरानी की और जहाज के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने इस सफल परिवहन पर संतोष जताया है। सरकार ने 6 अप्रैल को एक कैबिनेट बैठक में इस वैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल का फैसला लिया था।

रेड सी का रास्ता कितना खतरनाक है और क्या है नया प्लान?

रेड सी का रास्ता काफी रिस्की माना जाता है क्योंकि यहां यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा हमलों का डर रहता है। अक्टूबर 2023 से अब तक यहां जहाजों पर 79 हमले हो चुके हैं। दक्षिण कोरिया अपनी तेल जरूरतों का करीब 70% हिस्सा मिडिल ईस्ट से लेता है। पहले 95% से ज्यादा तेल Strait of Hormuz से आता था, लेकिन अब सरकार ने दूसरे देशों और नए रास्तों से तेल मंगाने की तैयारी कर ली है।

तेल की आपूर्ति के लिए दक्षिण कोरिया ने किन देशों से हाथ मिलाया है?

दक्षिण कोरिया ने साल के अंत तक 273 मिलियन बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित की है। इसके लिए उसने कई देशों के साथ समझौता किया है, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

देश तेल आपूर्ति की मात्रा
सऊदी अरब करीब 250 मिलियन बैरल (चरणों में)
ओमान 5 मिलियन बैरल तेल और 1.6 मिलियन टन नेफ्था
कजाकिस्तान 18 मिलियन बैरल तेल

इसके अलावा, दक्षिण कोरिया अब उत्तरी अफ्रीका के देशों जैसे अल्जीरिया और लीबिया से भी तेल और नेफ्था मंगाने की कोशिश कर रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.