दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने देश में ऊर्जा संकट को लेकर बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि ईरान विवाद की वजह से तेल और बिजली की सप्लाई में लंबी रुकावट आ सकती है। राष्ट्रपति ने इस स्थिति को ‘युद्ध स्तर’ का संकट कहा है और नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की है।

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ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार ने क्या तैयारी की है?

सरकार ने तेल की कीमतों और सप्लाई को संभालने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। इसके लिए नेशनल असेंबली ने एक बड़ा बजट भी पास किया है ताकि गरीब लोगों और उद्योगों को मदद मिल सके। सरकार ने ईंधन की कीमतों पर कैप लगाने का फैसला किया है ताकि आम जनता पर बोझ न बढ़े।

मुख्य कदम विवरण
विशेष बजट 26.2 ट्रिलियन वॉन ($17.7 बिलियन) की मंजूरी मिली
बिजली योजना मई तक 5 परमाणु ऊर्जा संयंत्र फिर से चालू होंगे
बचत प्लान 12 सूत्रीय ऊर्जा बचत योजना लागू की गई
कीमत नियंत्रण ईंधन की कीमतों पर पहली बार कैप लगाया गया

ईरान विवाद और Strait of Hormuz का क्या प्रभाव पड़ा है?

दक्षिण कोरिया अपनी ज़रूरत के लगभग 70% कच्चे तेल के लिए Strait of Hormuz पर निर्भर है। इस रास्ते में अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के साथ तनाव की वजह से तेल की सप्लाई में दिक्कत आई है। इस समस्या को हल करने के लिए दक्षिण कोरिया सऊदी अरब, ओमान और अल्जीरिया जैसे देशों से बात कर रहा है ताकि तेल के नए रास्ते खोजे जा सकें।

राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने पोलैंड के प्रधानमंत्री Donald Tusk से भी मुलाकात की। दोनों देशों ने ऊर्जा और सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा अलर्ट को दूसरे सबसे ऊंचे स्तर पर रखा है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.