दक्षिण कोरिया की सरकार ने मई महीने के लिए 7.46 करोड़ बैरल कच्चे तेल का इंतजाम कर लिया है। यह पिछले साल के औसत मासिक आयात का करीब 87% है। अमेरिका और इसराइल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध की वजह से ऊर्जा सप्लाई को स्थिर रखने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया है।
दक्षिण कोरिया ने तेल की सप्लाई के लिए क्या तैयारी की है?
प्रेसिडेंशियल चीफ ऑफ स्टाफ Kang Hoon-sik ने 24 अप्रैल 2026 को बताया कि मई के लिए पर्याप्त तेल सुरक्षित कर लिया गया है, इसलिए सप्लाई रुकने की कोई बड़ी चिंता नहीं है। सरकार ने साल 2026 के अंत तक के लिए कुल 273 मिलियन बैरल कच्चा तेल और 2.1 मिलियन मीट्रिक टन नेफ्था का इंतजाम किया है। इस तेल की ढुलाई के लिए ऐसे रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा है जो Strait of Hormuz से बचकर निकलते हैं ताकि युद्ध का असर न पड़े।
तेल की कमी से बचने के लिए सरकार ने कौन से नियम लागू किए?
सरकार ने एक खास पेट्रोलियम रिजर्व स्वैप सिस्टम शुरू किया है, जिससे रिफाइनरियों को जरूरत पड़ने पर सरकारी स्टॉक का इस्तेमाल करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, 8 अप्रैल 2026 से सरकारी संस्थानों के लिए दो दिन की व्हीकल रोटेशन प्रणाली लागू की गई है ताकि ईंधन की खपत कम हो। Ministry of Trade, Industry and Resources उन कंपनियों को सब्सिडी भी दे रही है जो अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप जैसे गैर-मिडिल ईस्ट क्षेत्रों से तेल मंगा रही हैं।
भविष्य के लिए क्या योजना बनाई गई है?
दक्षिण कोरिया अब मिडिल ईस्ट पर अपनी निर्भरता को कम करना चाहता है। सरकार का लक्ष्य है कि तेल के आयात में मिडिल ईस्ट की हिस्सेदारी घटाकर करीब 50% तक लाई जाए। इसके लिए सऊदी अरब और कजाकिस्तान के साथ-साथ अमेरिका, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, कांगो और गैबॉन जैसे विभिन्न देशों से तेल आयात करने पर जोर दिया जा रहा है।