दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun ने ईरान के लिए एक विशेष दूत भेजने का बड़ा फैसला लिया है। 9 अप्रैल 2026 को ईरानी विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi से फोन पर हुई बातचीत के बाद इस बारे में जानकारी दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में फंसे दक्षिण कोरियाई जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को फिर से पटरी पर लाना है।

विशेष दूत भेजने के पीछे की बड़ी वजह क्या है?

दक्षिण कोरिया और ईरान के बीच यह कूटनीतिक हलचल कई महत्वपूर्ण कारणों से हो रही है। इसकी मुख्य वजहें नीचे दी गई हैं:

  • जहाजों की सुरक्षा: दक्षिण कोरिया के करीब 26 जहाज Strait of Hormuz में फंसे हुए हैं, क्योंकि ईरान ने फरवरी के अंत से इस समुद्री रास्ते की नाकेबंदी कर रखी है।
  • नागरिकों की सुरक्षा: विदेश मंत्री Cho Hyun ने ईरान में रह रहे दक्षिण कोरियाई नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है और ईरान से विशेष ध्यान देने का अनुरोध किया है।
  • राजनयिक संबंध: ईरान के विदेश मंत्री ने विशेष दूत के आने का स्वागत किया है और मध्य पूर्व की स्थिति पर अपना रुख स्पष्ट किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का क्या है असर?

इस बातचीत के दौरान दक्षिण कोरिया ने अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को हुए दो हफ्ते के युद्धविराम (Ceasefire) समझौते का स्वागत किया। इस शांति समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, इस समझौते के बावजूद समुद्री रास्तों पर जहाजों की आवाजाही अभी भी काफी कम देखी जा रही है। दक्षिण कोरिया की कोशिश है कि इस शांति काल का उपयोग करके अपने जहाजों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। वहीं दूसरी तरफ, स्पेन ने भी ईरान के साथ संबंध सुधारते हुए तेहरान में अपना दूतावास दोबारा खोलने का फैसला किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.