Strait of Hormuz में दक्षिण कोरिया के एक बड़े जहाज HMM Namu पर अज्ञात चीजों से हमला हुआ है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने इस मामले की पूरी जानकारी सार्वजनिक की है। यह घटना 4 मई 2026 को हुई थी, जिसके बाद जहाज को सुरक्षित दुबई ले जाया गया।
HMM Namu पर हमला कैसे हुआ और कितना नुकसान हुआ?
दक्षिण कोरियाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Park Il ने बताया कि 4 मई 2026 को HMM Namu जहाज के पिछले हिस्से (stern) पर दो अज्ञात विमानों ने हमला किया। ये दोनों हमले लगभग एक-एक मिनट के अंतराल पर हुए, जिससे जहाज के पोर्ट-साइड बैलास्ट टैंक की बाहरी प्लेट पर आग लग गई। जांच में पता चला है कि आग करीब 7 गुणा 5 मीटर के इलाके में फैली थी। पहले हमले से इंजन रूम में आग लगी और दूसरे हमले ने इसे और तेज़ी से फैला दिया। राहत की बात यह है कि जहाज पर मौजूद सभी 24 क्रू मेंबर्स, जिनमें 6 दक्षिण कोरियाई नागरिक शामिल थे, पूरी तरह सुरक्षित हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच इस हमले को लेकर क्या विवाद है?
इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सीधे तौर पर ईरान को इस हमले का जिम्मेदार बताया है। ट्रंप ने दक्षिण कोरिया से अपील की है कि वह समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाने के लिए अमेरिका के “Project Freedom” मिशन में शामिल हो। दूसरी तरफ, सियोल में स्थित ईरान के दूतावास ने इस हमले की किसी भी जिम्मेदारी से साफ इनकार किया है। दक्षिण कोरिया ने फिलहाल अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और कहा है कि वह तभी किसी मिशन में शामिल होगा जब संयुक्त राष्ट्र (UN) का आदेश और एक वैश्विक गठबंधन बनेगा।
जांच में क्या बातें सामने आईं?
- जहाज को 8 मई को दुबई के एक पोर्ट पर लाया गया, जहां विशेषज्ञों ने उसकी जांच की।
- जांच के लिए Korea Maritime Safety Tribunal और National Fire Agency के एक्सपर्ट्स को भेजा गया था।
- अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह हमला किसी समुद्री माइन (Sea Mine) या जहाज के इंजन, जनरेटर या बॉयलर की खराबी की वजह से नहीं हुआ था।
- सीसीटीवी फुटेज से हमलावरों की सही पहचान नहीं हो पाई है, इसलिए मलबे और टुकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या यह हमला किसी समुद्री माइन (Sea Mine) से हुआ था?
नहीं, जांच अधिकारियों ने साफ किया है कि यह हमला किसी समुद्री माइन या जहाज के इंजन, जनरेटर या बॉयलर की खराबी की वजह से नहीं हुआ था।
जहाज की जांच कहां और कब की गई?
जहाज को 8 मई को दुबई के एक पोर्ट पर ले जाया गया, जहां दक्षिण कोरियाई सरकार और फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके पर जाकर गहन जांच की।
