South Korea का बड़ा फैसला, Saudi Arabia और Oman भेजेगी विशेष दूत, तेल की कमी दूर करने की तैयारी.
South Korea की सरकार ने देश में कच्चे तेल की सप्लाई सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने फैसला किया है कि वह Saudi Arabia, Oman और Algeria में अपने विशेष दूत भेजेगी ताकि तेल की कमी को दूर किया जा सके। यह फैसला Strait of Hormuz के बंद होने की वजह से पैदा हुए हालातों को देखते हुए लिया गया है। राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने कहा है कि देश की अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कुछ जोखिम उठाना जरूरी है और तेल की सप्लाई में किसी भी तरह की बड़ी रुकावट नहीं आने दी जाएगी।
तेल की कमी को रोकने के लिए सरकार की नई योजनाएं
सरकार ने तेल और गैस के लिए सुरक्षा अलर्ट को बढ़ाकर ‘सावधानी’ (caution) लेवल पर कर दिया है। इसके तहत अब इमरजेंसी नियमों को लागू किया जा रहा है ताकि सप्लाई को बढ़ाया जा सके और फालतू डिमांड को कम किया जा सके। सरकार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं:
- पांच कोरियन जहाजों को Saudi Arabia के Yanbu पोर्ट पर भेजने की योजना बनाई गई है।
- सरकारी संस्थाओं और विभागों में गाड़ियों के लिए ऑड-ईवन रूल लागू करने का फैसला हुआ है।
- Kazakhstan और United States जैसे देशों से वैकल्पिक तेल सप्लाई सुरक्षित करने के प्रयास जारी हैं।
- Strait of Hormuz के बजाय Red Sea के रास्ते जहाजों को भेजने पर चर्चा हो रही है।
- अप्रैल के महीने के लिए सरकार ने करीब 5 करोड़ बैरल वैकल्पिक तेल का इंतजाम कर लिया है।
खाड़ी देशों और अन्य देशों से क्या आश्वासन मिला है?
South Korea के वित्त मंत्री Koo Yun-cheol ने Gulf Cooperation Council (GCC) देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इस बैठक में खाड़ी देशों ने आश्वासन दिया है कि वे South Korea को तेल, गैस और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई के लिए ‘टॉप प्रायोरिटी’ वाला देश मानेंगे। प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि जहाजों और क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं। सरकार अपने सुरक्षित तेल भंडार का इस्तेमाल भी शुरू कर सकती है ताकि प्राइवेट कंपनियों और रिफाइनरियों को तेल की कमी महसूस न हो। यह कदम वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई की अनिश्चितता को कम करने के लिए उठाया गया है।




