अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच सैन्य अभ्यास अचानक हुआ आधा, ट्रंप के फैसले से दोनों देशों में मची हलचल.

अमेरिका और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाला सालाना साझा सैन्य अभ्यास Ulchi Freedom Shield (UFS) अचानक बीच में ही समाप्त करने का फैसला लिया गया है। अमरीकी राष्ट्रपति Donald Trump के अचानक आए एक आदेश के बाद यह बड़ा कदम उठाया गया है। पेंटागन की तरफ से यह पुष्टि की गई है कि यह अभ्यास जो मूल रूप से 17 अगस्त 2026 से 27 अगस्त 2026 तक यानी 11 दिनों के लिए तय किया गया था, अब केवल 5 दिनों यानी 21 अगस्त 2026 को शुक्रवार के दिन ही समाप्त हो जाएगा। चल रहे किसी बड़े संयुक्त सैन्य अभ्यास में इस तरह का अचानक बदलाव पहले कभी नहीं देखा गया है।
सोशल मीडिया पर हुई घोषणा से अधिकारी भी हैरान
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए रविवार, 16 अगस्त 2026 को इन साझा अभ्यासों को काफी हद तक कम करने का अपना निर्देश साझा किया था। उन्होंने इसके पीछे उत्तर कोरियाई नेता Kim Jong Un के साथ अपने बहुत अच्छे संबंधों का हवाला दिया। दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को यह साफ किया कि अभ्यास को छोटा करने का यह फैसला अमेरिकी पक्ष के कहने पर लिया गया है। पेंटागन के अधिकारियों का यह कहना है कि इन बदलावों का मकसद सिर्फ ट्रेनिंग के उद्देश्यों को बनाए रखना है, जिसके तहत लाइव-ट्रेनिंग इवेंट्स को कम किया गया है और अब इसे केवल सिमुलेशन पर शिफ्ट किया जा रहा है। काउंटरऑफ़ेंसिव ऑपरेशन से जुड़ा दूसरा चरण अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है, जबकि इसके साथ जुड़े अन्य फील्ड ट्रेनिंग के बारे में अभी भी बातचीत जारी है।
कूटनीतिक तनाव और घरेलू स्तर पर शुरू हुआ विवाद
इस अचानक लिए गए फैसले की वजह से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है। दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री Cho Hyun ने बुधवार को यह बात कही कि सियोल और वाशिंगटन दोनों ही जगहों के अधिकारी राष्ट्रपति के इस सार्वजनिक ऐलान से पूरी तरह से हैरान रह गए थे। मंत्री चो ने आगे यह भी बताया कि अमेरिका का यह निर्देश ईरान के साथ संभावित युद्ध को लेकर दक्षिण कोरिया के कूटनीतिक रुख पर दबाव बनाने के इरादे से लिया गया है। देश के भीतर मचे इस राजनीतिक बवाल के बीच दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae Myung ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका के साथ मजबूत गठबंधन ही देश की राष्ट्रीय सुरक्षा का मुख्य आधार है।
हालांकि, इस अचानक बदले गए नीतिगत फैसले की वजह से अमेरिका की सुरक्षा गारंटी की विश्वसनीयता पर अंदरूनी बहस छिड़ गई है। कुछ राजनीतिक हल्कों से यह मांग भी उठ रही है कि दक्षिण कोरिया को अब अपनी स्वतंत्र परमाणु क्षमताओं पर फिर से विचार करना चाहिए। दूसरी तरफ उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन Kim Yo Jong ने बुधवार को कम किए गए इन अभ्यासों को खारिज करते हुए यह साफ कहा कि उनका दायरा चाहे जितना भी कम कर दिया जाए, लेकिन ये अभ्यास हमेशा की तरह उत्तेजक और आक्रामक ही बने रहेंगे।