SpaceX ने अपने Starship रॉकेट का 10वां टेस्ट फ्लाइट पूरा कर लिया है। इस मिशन के दौरान कंपनी ने पहली बार अंतरिक्ष में पेलोड यानी सामान पहुँचाने में कामयाबी हासिल की। यह उड़ान टेक्सास के स्टारबेस से शुरू हुई थी, जिसमें कुछ तकनीकी सफलताएं मिलीं और कुछ नुकसान हुए।

26 अगस्त 2025 को हुई इस 10वीं उड़ान में Super Heavy बूस्टर (Booster 16) ने टेकऑफ किया और मैक्सिको की खाड़ी में लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन टकराते ही उसमें धमाका हो गया। वहीं Starship के ऊपरी हिस्से (Ship 37) ने सफलतापूर्वक 8 डमी स्टारलिंक सैटेलाइट छोड़े और हिंद महासागर में सॉफ्ट लैंडिंग की, हालांकि री-एंट्री के समय इसके इंजन में धमाका होने की आशंका जताई गई है।

इस प्रोग्राम में आगे बढ़ते हुए 22 मई 2026 को 12वीं टेस्ट फ्लाइट की गई। इसमें नए V3 वाहन और Raptor 3 इंजन का इस्तेमाल किया गया। इस दौरान 20 स्टारलिंक सिमुलेटर अंतरिक्ष में छोड़े गए। लेकिन बूस्टर के साथ हुई एक गड़बड़ी की वजह से Federal Aviation Administration (FAA) ने अब इसकी जांच शुरू कर दी है और फिलहाल स्टारशिप की सभी उड़ानों पर रोक लगा दी गई है।

भविष्य की योजनाओं के मुताबिक SpaceX ने मंगल ग्रह के पहले मानव मिशन के लिए Chun Wang को मिशन कमांडर नियुक्त किया है। इससे पहले Dennis और Akiko Tito के साथ चंद्रमा के चारों ओर एक कमर्शियल मानव उड़ान भरी जाएगी। कंपनी के CEO Elon Musk ने इन उपलब्धियों को कंपनी के लंबे समय के लक्ष्यों के लिए बहुत जरूरी बताया है।