परमाणु रिएक्टरों यानी Nuclear Reactors को लेकर एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय मीटिंग का आयोजन किया गया. इस महत्वपूर्ण बैठक में SPAENG ने हिस्सा लिया और अपनी भागीदारी दर्ज कराई. यह मीटिंग CONUSAF द्वारा आयोजित की गई थी जिसमें न्यूक्लियर एनर्जी के भविष्य पर चर्चा हुई.

CONUSAF इंटरनेशनल मीटिंग में क्या हुआ?

4 मई 2026 को CONUSAF ने न्यूक्लियर रिएक्टर्स पर एक अंतरराष्ट्रीय बैठक रखी थी. इस मीटिंग में SPAENG ने भाग लिया. इस तरह के आयोजनों का मकसद दुनिया भर के विशेषज्ञों को एक साथ लाना और परमाणु ऊर्जा के सुरक्षित इस्तेमाल और तकनीक पर बातचीत करना होता है.

न्यूक्लियर सेक्टर में हो रहे अन्य बड़े बदलाव

दुनिया भर में न्यूक्लियर एनर्जी को लेकर कई नई गतिविधियां चल रही हैं, जिनमें कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • चीन की बढ़त: रिपोर्ट के मुताबिक China साल 2030 तक रिएक्टर क्षमता के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ सकता है.
  • US का नया नियम: US Nuclear Regulatory Commission (NRC) ने 29 अप्रैल 2026 को ‘Part 53’ नियम लागू किया है, जिससे एडवांस रिएक्टर्स का लाइसेंस मिलना अब आसान और तेज़ होगा.
  • आगामी कॉन्फ्रेंस: बीजिंग में फास्ट रिएक्टर्स और फ्यूल साइकिल्स पर एक इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस का आयोजन मई महीने में किया जाएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

SPAENG ने किस मीटिंग में हिस्सा लिया?

SPAENG ने 4 मई 2026 को CONUSAF द्वारा आयोजित न्यूक्लियर रिएक्टर्स की इंटरनेशनल मीटिंग में हिस्सा लिया.

न्यूक्लियर सेक्टर में US का नया नियम क्या है?

US NRC ने 29 अप्रैल 2026 को ‘Part 53’ नियम लागू किया है, जिसका उद्देश्य एडवांस न्यूक्लियर रिएक्टर्स की लाइसेंसिंग प्रक्रिया को सरल और किफायती बनाना है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.