लेबनान के दक्षिणी हिस्से में फिर से भड़की हिंसा को लेकर स्पेन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। 2 जून 2026 को स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बयान जारी कर इस हिंसा की सख्त निंदा की। उन्होंने इसराइल की सैन्य कार्रवाइयों और हिज़बुल्लाह के हमलों को तुरंत रोकने की अपील की है, ताकि 16 अप्रैल को हुए युद्धविराम समझौते का पूरी तरह से पालन किया जा सके।
स्पेन के विदेश मंत्री ने बयान में क्या कहा?
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने कहा कि लेबनान में हिंसा का दोबारा बढ़ना किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता। इससे न केवल आम लोगों की जान खतरे में पड़ रही है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने की कोशिशों को भी बड़ा नुकसान हो रहा है। उन्होंने साफ कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां लेबनान की संप्रभुता और अखंडता का सीधा उल्लंघन हैं। स्पेन सरकार ने मांग की है कि सभी पक्ष 16 अप्रैल 2026 को तय हुए युद्धविराम का ईमानदारी से पालन करें।
लेबनान और इसराइल के बीच तनाव की क्या है वजह?
लेबनान और इसराइल के बीच मार्च 2026 की शुरुआत से ही तनाव काफी बढ़ गया है। इसराइल लगातार लेबनान के इलाकों पर हमले कर रहा है, जबकि हिज़बुल्लाह भी इन हमलों का जवाब दे रहा है। स्पेन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का समर्थन करते हुए कहा कि लेबनान सरकार को अपने पूरे देश पर नियंत्रण स्थापित करने का अधिकार मिलना चाहिए। इस बीच, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भी इसराइल से युद्धविराम का सम्मान करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्पेन ने किस तारीख को हुए युद्धविराम समझौते का पालन करने की मांग की है?
स्पेन ने 2 जून 2026 को बयान जारी कर सभी पक्षों से 16 अप्रैल 2026 को हुए युद्धविराम समझौते का पूरी तरह से सम्मान करने की अपील की है।
स्पेन के विदेश मंत्री का नाम क्या है और उन्होंने क्या चिंता जताई है?
स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिणी लेबनान में हिंसा बढ़ने से मानवीय संकट गहरा गया है और अंतरराष्ट्रीय शांति वार्ता बाधित हो रही है।
