Strait of Hormuz खोलने की मांग, स्पेन के राष्ट्रपति ने दी बड़े ऊर्जा संकट की चेतावनी
स्पेन के राष्ट्रपति Pedro Sanchez ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलने और मध्य पूर्व के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए चेतावनी दी कि चल रहे युद्ध में और बढ़ोत्तरी होने से पूरी मानवता के लिए लंबे समय का ऊर्जा संकट पैदा हो सकता है। स्पेन ने साफ किया है कि वह इस रास्ते को खोलने के लिए किसी भी सैन्य अभियान में हिस्सा नहीं लेगा लेकिन उसने स्थिति को संभालने के लिए 5 अरब यूरो के इमरजेंसी पैकेज का ऐलान किया है।
किन देशों ने Strait of Hormuz को लेकर जताई चिंता?
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दुनिया के कई बड़े देश एक साथ आए हैं और उन्होंने ईरान की कार्रवाई की निंदा की है। इस स्थिति को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा माना जा रहा है।
- UK, France, Germany, Italy, Japan और Canada समेत 20 से ज्यादा देशों ने साझा बयान जारी किया है।
- NATO महासचिव Mark Rutte के अनुसार 22 देश इस रास्ते को सुरक्षित बनाने के लिए तालमेल कर रहे हैं।
- यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष Kaja Kallas ने ईरान के विदेश मंत्री से कूटनीतिक रास्तों पर चर्चा की है।
- फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी ऊर्जा ठिकानों पर हमलों को रोकने और ट्रैफिक सुचारू करने की मांग की है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता विवाद और ताजा स्थिति
इस पूरे मामले में अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग और सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। नीचे दी गई टेबल में प्रमुख घटनाक्रमों को देखा जा सकता है।
| अधिकारी या देश | ताजा बयान या कार्रवाई |
|---|---|
| Donald Trump | ईरान को 48 घंटे में रास्ता खोलने का अल्टीमेटम दिया |
| Masoud Pezeshkian | कहा कि रास्ता सबके लिए खुला है, लेकिन जमीन का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं |
| US Military | ईरान के उस बंकर को तबाह किया जो तेल जहाजों के लिए खतरा था |
| Mohammad Ghalibaf | अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड खरीदारों को सैन्य निशाना बनाने की धमकी दी |
ईरान का कहना है कि वह Strait of Hormuz को पूरी तरह तभी बंद करेगा जब अमेरिका उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला करेगा। फिलहाल समुद्री बीमा से जुड़ी चिंताओं की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार समुद्र में नेविगेशन की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है।




