स्पेन की सरकार ने आज 9 अप्रैल 2026 को तेहरान में अपने दूतावास को फिर से खोलने का बड़ा फैसला लिया है। Foreign Minister Jose Manuel Albares ने इस बात की पुष्टि की है कि स्पेन शांति स्थापित करने में मदद करना चाहता है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध एक नाजुक मोड़ पर है। स्पेन का मानना है कि अपनी कूटनीतिक मौजूदगी से वह इलाके में तनाव कम करने में योगदान दे सकता है।

स्पेन के इस बड़े फैसले से जुड़ी मुख्य बातें

  • दूतावास की वापसी: स्पेन के राजदूत को तुरंत तेहरान लौटने और अपना कामकाज फिर से शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
  • पुराना फैसला बदला: इससे पहले 7 मार्च 2026 को हमलों के डर से स्पेन ने अपने कर्मचारियों को वहां से सुरक्षित निकाल लिया था।
  • युद्ध का विरोध: स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez शुरू से ही इस जंग के खिलाफ रहे हैं और उन्होंने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की इजाजत नहीं दी थी।
  • शांति वार्ता: 10 अप्रैल से पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता से पहले स्पेन का यह कदम बहुत अहम माना जा रहा है।

इलाके में मौजूदा तनाव और ताज़ा हालात

ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का संघर्षविराम (Ceasefire) शुरू तो हो गया है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं हैं। इसराइल लगातार लेबनान में हमले कर रहा है, जिसे लेकर फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों ने भी चिंता जताई है। ईरान की सेना ने बयान दिया है कि उनका अमेरिका पर भरोसा कम है और उनके सैनिक किसी भी स्थिति के लिए तैयार हैं।

देश/संगठन ताज़ा स्थिति (9 अप्रैल 2026)
Spain तेहरान में अपना दूतावास फिर से शुरू किया
Iran संघर्षविराम के बीच अलर्ट मोड पर है
Israel लेबनान में अभी भी हवाई हमले जारी हैं
Lebanon ताज़ा हमलों में 180 से ज्यादा लोगों की जान गई
Strait of Hormuz खतरेह में जहाजों की आवाजाही अभी भी बहुत कम है

अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस संघर्षविराम में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने साफ किया है कि इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रही लड़ाई इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इसी बीच स्पेन के प्रधानमंत्री ने अमेरिकी शांति प्रयासों पर तंज कसते हुए कहा कि वह उन लोगों की तारीफ नहीं करेंगे जिन्होंने पहले दुनिया में आग लगाई और अब बाल्टी लेकर आए हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.