सऊदी अरब और स्पेन के बीच रिश्तों में बड़ी मजबूती आई है। स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब को मिडिल ईस्ट में अपना सबसे मुख्य व्यापारिक साझेदार बताया है। इसके लिए सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने मैड्रिड का दौरा किया और दोनों देशों के बीच एक रणनीतिक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए गए।

सऊदी और स्पेन के बीच व्यापार और नए समझौते क्या हैं?

सऊदी अरब और स्पेन ने एक रणनीतिक साझेदारी दस्तावेज पर साइन किए हैं और एक स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप काउंसिल बनाई है। दोनों देश अब इंडस्ट्री, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में एक-दूसरे की मदद करेंगे। यह पूरा सहयोग सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। इसमें छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) को बढ़ावा देने और नई आर्थिक नीतियों पर काम करने की बात शामिल है।

दोनों देशों के बीच व्यापार का हिसाब-किताब क्या रहा?

मई 2025 तक दोनों देशों के बीच कुल व्यापार काफी बढ़ा था और इसमें सऊदी अरब को ज्यादा फायदा मिला था। जनवरी 2026 के आंकड़ों के हिसाब से स्पेन का व्यापार संतुलन सऊदी अरब के मुकाबले थोड़ा कम रहा। व्यापार के मुख्य आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं।

विवरण आंकड़े/मूल्य
कुल द्विपक्षीय व्यापार (मई 2025 तक) 22.9 अरब सऊदी रियाल (~6.1 अरब डॉलर)
सऊदी अरब का व्यापार अधिशेष (Surplus) 1.9 अरब सऊदी रियाल
स्पेन का सऊदी को निर्यात (जनवरी 2026) 161 मिलियन यूरो
स्पेन का सऊदी से आयात (जनवरी 2026) 220 मिलियन यूरो
स्पेन का व्यापार घाटा (जनवरी 2026) 59 मिलियन यूरो
सऊदी का स्पेन को निर्यात (जनवरी 2026) 633 मिलियन सऊदी रियाल

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर क्या चर्चा हुई?

दोनों देशों के मंत्रियों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आने-जाने की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से पहले जैसी स्थिति वापस आनी चाहिए और जहाजों के गुजरने पर कोई फीस नहीं लगनी चाहिए। दुनिया की आर्थिक स्थिरता के लिए इस रास्ते का सुरक्षित और मुफ्त रहना बहुत जरूरी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

स्पेन ने सऊदी अरब को क्या बताया है?

स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने आधिकारिक तौर पर सऊदी अरब को मिडिल ईस्ट में अपना सबसे मुख्य व्यापारिक साझेदार (main trading partner) बताया है।

रणनीतिक साझेदारी के तहत किन क्षेत्रों पर काम होगा?

दोनों देश आर्थिक मॉडलिंग, पॉलिसी बनाने, छोटे उद्योगों (SMEs) की मदद और टेक्नोलॉजी व इनोवेशन के क्षेत्र में जानकारी साझा करेंगे।