EU-Israel Agreement: स्पेन ने दी चेतावनी, इसराइल पर रूस जैसी कार्रवाई न की तो दुनिया में गिरेगी साख

यूरोपीय संघ (EU) और इसराइल के रिश्तों के बीच अब तनाव बढ़ता दिख रहा है। स्पेन ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर यूरोपीय संघ ने इसराइल की हरकतों पर रूस की तरह सख्त कदम नहीं उठाए, तो दुनिया में उसकी इज्जत खत्म हो जाएगी। इस मामले को लेकर स्पेन ने इसराइल के साथ अपने पुराने व्यापारिक समझौते को रोकने की मांग की है।

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स्पेन ने यूरोपीय संघ से क्या मांग की है?

स्पेन के विदेश मंत्री José Manuel Albares ने लक्समबर्ग में हुई एक बैठक में यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद सख्त नियम लागू किए गए, वही सिद्धांत इसराइल के लिए भी होने चाहिए। स्पेन, आयरलैंड और स्लोवेनिया ने मिलकर यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख Kaja Kallas को एक पत्र भेजा है, जिसमें इसराइल के साथ ‘एसोसिएशन एग्रीमेंट’ को सस्पेंड करने की अपील की गई है।

इसराइल पर कार्रवाई की मांग के मुख्य कारण क्या हैं?

स्पेन और उसके साथी देशों का मानना है कि इसराइल अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और इससे क्षेत्र में शांति खत्म हो रही है। विवाद के मुख्य बिंदु नीचे दी गई टेबल में दिए गए हैं:

मुख्य मुद्दा विवरण
सैन्य रणनीति गाज़ा और दक्षिणी लेबनान में एक जैसी सैन्य रणनीति का इस्तेमाल
मृत्युदंड फिलिस्तीनियों के लिए सैन्य अदालतों में फांसी की सजा का नया कानून
सीजफायर गाज़ा में युद्धविराम के नियमों का लगातार उल्लंघन
मानवाधिकार एसोसिएशन एग्रीमेंट के आर्टिकल 2 (मानवाधिकार और लोकतंत्र) का उल्लंघन
क्षेत्रीय शांति मिडल ईस्ट को एक अंतहीन युद्ध (Perpetual War) की ओर ले जाना

अन्य देशों और नेताओं ने क्या कहा?

स्पेन के प्रधानमंत्री Pedro Sánchez ने कड़े शब्दों में कहा कि जो सरकार अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ती है, वह यूरोपीय संघ की पार्टनर नहीं रह सकती। वहीं आयरलैंड की विदेश मंत्री Helen McEntee ने भी इस बात का समर्थन किया है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर पूरा समझौता खत्म करना मुमकिन नहीं है, तो कम से कम व्यापार वाले हिस्से को रोक देना चाहिए। उनका कहना है कि इसराइल की नीतियां दो देशों वाले समाधान (two-state solution) को खत्म कर रही हैं।