श्रीलंका में इस समय डेंगू का बहुत बुरा असर दिख रहा है। अब तक 44 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं और 28 लोगों की जान जा चुकी है। अस्पतालों में मरीजों की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि वहां बेड और जरूरी दवाओं की भारी कमी हो गई है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 19 जून 2026 तक श्रीलंका में 44,480 डेंगू केस दर्ज किए गए हैं। अप्रैल महीने में यह संख्या 5,651 थी, जो जून के पहले दो हफ्तों में बढ़कर 10,638 हो गई। सबसे ज्यादा मामले वेस्टर्न प्रोविंस में मिले हैं, जिनमें से अकेले Colombo में 9,429 केस हैं। जान गंवाने वालों में 5 बच्चे भी शामिल हैं।

National Dengue Control Unit (NDCU) की प्रवक्ता डॉ. Preshila Samaraweera ने बताया कि यह संकट नवंबर 2025 में आए Cyclone Ditwah के बाद शुरू हुआ। तूफान के बाद जमा हुए मलबे और पानी में मच्छरों ने तेजी से प्रजनन किया। साथ ही देश में डेंगू का एक नया स्ट्रेन भी फैल रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

स्वास्थ्य मंत्री Nalinda Jayatissa ने चेतावनी दी है कि अगर मरीजों की संख्या इसी तरह बढ़ती रही तो सरकारी अस्पतालों का सिस्टम पूरी तरह ठप हो सकता है। सरकार ने 15 से 20 जून तक ‘स्पेशल डेंगू प्रिवेंशन वीक’ चलाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि जो लोग अपने परिसर में मच्छरों को पनपने देंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।

अस्पतालों में दवाओं और संसाधनों की स्थिति बहुत चिंताजनक है। SWASTHA सिस्टम के डेटा के अनुसार, 618 जरूरी दवाओं में से 137 दवाएं पूरी तरह खत्म हो चुकी हैं। दो सबसे महत्वपूर्ण दवाएं Medical Supply Division (MSD) के पास उपलब्ध नहीं हैं। करीब 175 जरूरी दवाओं का स्टॉक जल्द ही खत्म होने वाला है, जिससे मरीजों के इलाज में बड़ी दिक्कत आ सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.