श्रीलंका में ईंधन की कीमतों में एक बार फिर भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 15 दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा इजाफा हुआ है। सरकार ने इसके लिए ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध की स्थिति को जिम्मेदार ठहराया है। राष्ट्रपति Anura Kumara Dissanayake ने जनता को बढ़ती कीमतों और भविष्य के आर्थिक संकट के प्रति सावधान रहने को कहा है।

श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें क्या हैं?

ईंधन की कीमतों में करीब 25 प्रतिशत की वृद्धि की गई है जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। श्रीलंका के सरकारी तेल विक्रेता Ceylon Petroleum Corporation (CPC) ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। नीचे दी गई तालिका में नई और पुरानी दरों को विस्तार से समझाया गया है:

ईंधन का प्रकार पुरानी कीमत (LKR) नई कीमत (LKR)
Petrol 317 398
Diesel 303 382

अधिकारियों के अनुसार इन कीमतों को 2022 के आर्थिक संकट के स्तर के करीब ले जाया गया है। तेल की बढ़ती लागत को देखते हुए खपत में 15 से 20 प्रतिशत की कमी आने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सरकार ने ऊर्जा संकट को रोकने के लिए क्या नियम बदले हैं?

बढ़ते संकट को देखते हुए राष्ट्रपति ने अधिकारियों को मध्य पूर्व के लंबे संघर्ष के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। देश में ईंधन की खपत को कम करने और ऊर्जा बचाने के लिए सरकार ने कई बड़े बदलाव किए हैं जो नागरिकों और कर्मचारियों को प्रभावित करेंगे। इन फैसलों का मुख्य उद्देश्य तेल के स्टॉक को लंबे समय तक सुरक्षित रखना है:

  • देश में 11 मार्च 2026 से चार दिन का वर्किंग वीक लागू कर दिया गया है।
  • कर्मचारियों को संभव होने पर घर से काम यानी Work from Home करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
  • राष्ट्रपति ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमत 1 डॉलर बढ़ने पर स्थानीय दाम 2 रुपये तक बढ़ रहे हैं।
  • प्राइवेट सप्लायर्स को बाजार के हिसाब से कीमतें तय करने की छूट दी गई है ताकि सप्लाई में रुकावट न आए।

फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि देश के पास अप्रैल के अंत तक के लिए ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। हालांकि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए सुरक्षा गारंटी और सप्लाई खर्च में भी भारी वृद्धि हुई है।