श्रीलंका में फंसे तीन भारतीय मछुआरों के लिए राहत भरी खबर आई है। भारतीय उच्चायोग ने जानकारी दी है कि इन मछुआरों को रिहा कर दिया गया है और वे अब अपने घर वापस जा रहे हैं। इस खबर की पुष्टि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आधिकारिक तौर पर की गई है।

मछुआरों की रिहाई की जानकारी किसने दी?

श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग ने अपने आधिकारिक X हैंडल ‘India in Sri Lanka’ के जरिए यह खबर साझा की। उन्होंने बताया कि तीन भारतीय मछुआरों को 10 अप्रैल 2026 को रिहा किया गया और वे अपने वतन वापस लौट रहे हैं। इस जानकारी को साझा करते हुए विदेश मंत्रालय (@MEAIndia) और भारतीय कूटनीति (@IndianDiplomacy) को भी टैग किया गया था।

रिहाई की प्रक्रिया और पिछला मामला क्या था?

यह रिहाई अप्रैल महीने की एक ताजा घटना है। इससे पहले 7 अप्रैल 2026 को भी 30 भारतीय मछुआरों को श्रीलंका से रिहा किया गया था। उन मछुआरों के बारे में जानकारी इस प्रकार है:

  • कुल 30 मछुआरे रिहा हुए थे।
  • इनमें 21 रामनाथपुरम और 9 कराईकल के थे।
  • इन्हें 15 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पार करने के आरोप में पकड़ा गया था।
  • इन्हें जाफना की जेल में रखा गया था।

घर वापसी के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं?

मछुआरों की रिहाई के लिए भारत की केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर राजनयिक प्रयास करती हैं। रिहाई की प्रक्रिया के दौरान निम्नलिखित कदम उठाए जाते हैं:

  • मछुआरों का मेडिकल टेस्ट किया जाता है।
  • उन्हें इमरजेंसी ट्रैवल डॉक्यूमेंट जारी किए जाते हैं।
  • फ्लाइट के जरिए उन्हें भारत पहुँचाया जाता है।
  • भारत पहुँचने पर मत्स्य विभाग के अधिकारी उन्हें उनके घर तक पहुँचाने में मदद करते हैं।