श्रीलंका में आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार पड़ी है। सरकार ने रसोई गैस (LPG) की कीमतों में करीब 23% की बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इसके पीछे मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष और वैश्विक बाजार में गैस की बढ़ती कीमतों को मुख्य वजह बताया गया है। श्रीलंका अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बदलावों का सीधा असर वहां के स्थानीय बाजार पर दिख रहा है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर यह युद्ध लंबा चला तो देश के आर्थिक हालात और बिगड़ सकते हैं।
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गैस सिलेंडरों के नए दाम और बदलाव
प्राइवेट कंपनी LAUGFS Gas PLC ने 12.5 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 1,070 रुपये का इजाफा किया है। अब इसकी कीमत 4,630 रुपये से बढ़कर 5,700 रुपये हो गई है। सरकारी कंपनी लिट्रो गैस ने भी अपनी कीमतों में बढ़ोतरी की है। कीमतों में यह बदलाव 5 अप्रैल और 6 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गए हैं। पिछले महीने भी गैस की कीमतों में 8% की बढ़ोतरी देखी गई थी।
| सिलेंडर का प्रकार | पुरानी कीमत (LKR) | नई कीमत (LKR) |
|---|---|---|
| 12.5 KG (LAUGFS) | 4,630 | 5,700 |
| 5 KG (LAUGFS) | 1,862 | 2,280 |
| 12.5 KG (Litro Gas) | 3,690 | 3,990 |
| 5 KG (Litro Gas) | 1,482 | 1,602 |
आम जनता और अर्थव्यवस्था पर इसका असर
कोलंबो प्रशासन और आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि गैस के दाम बढ़ने का सीधा असर खाने-पीने की चीजों पर पड़ेगा। रेस्तरां मालिक संघ ने संकेत दिए हैं कि गैस महंगी होने से वे भी अपने खाने के दाम बढ़ा सकते हैं। श्रीलंका अभी 2022 के आर्थिक संकट से उबरने की कोशिश कर रहा है, ऐसे में ईंधन और गैस की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं। इससे पहले मार्च के महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी करीब 25% की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे ट्रांसपोर्टेशन भी महंगा हो गया है।
- मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष की वजह से सप्लाई चैन पर दबाव बढ़ा है।
- श्रीलंका तेल और कोयले के लिए पूरी तरह बाहरी देशों पर निर्भर है।
- वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से बिजली उत्पादन की लागत भी बढ़ने की आशंका है।
- LAUGFS Gas PLC ने कहा है कि वे वैश्विक बाजार की निगरानी कर रहे हैं और सुधार होने पर राहत देंगे।
