श्रीलंका की Negombo जेल में हुए एक भयानक दंगे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। इस हिंसा में कम से कम 26 लोगों की जान चली गई और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। जेल के अंदर दो गुटों के बीच हुई इस खूनी भिड़ंत को रोकने के लिए सुरक्षा बलों और वायुसेना तक की मदद लेनी पड़ी।
यह घटना रविवार, 5 जुलाई 2026 को शुरू हुई थी, लेकिन सोमवार, 6 जुलाई को इसने और विकराल रूप ले लिया। जेल के प्रवक्ता A.C. Gajanayake ने बताया कि सोमवार को नाश्ते के समय हिंसा फिर से भड़क उठी। शुरुआती जांच में पता चला है कि यह लड़ाई ड्रग्स की तस्करी करने वाले कैदियों और उनके विरोधियों के बीच हुई थी।
नुकसान और घायलों का हाल
इस दंगे में जान गंवाने वालों में कैदियों के साथ-साथ जेल के अधिकारी भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक 5 से 7 जेल अधिकारी मारे गए हैं। 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 18 की हालत काफी गंभीर है। इन गंभीर घायलों को इलाज के लिए Colombo National Hospital भेजा गया है, जबकि अन्य का इलाज Negombo Hospital में चल रहा है।
सरकार का एक्शन और जांच
न्याय मंत्री Harshana Nanayakkara ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने इस पूरी घटना की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि ऐसी जानलेवा हिंसा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकती और भविष्य में इसे रोकने के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:
- सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जस्टिस की अगुवाई में तीन सदस्यों की एक विशेष टीम बनाई गई है।
- जेल कमिश्नर जनरल ने भी एक अलग जांच टीम नियुक्त की है।
- पुलिस और मजिस्ट्रेट स्तर पर भी जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जेल के अंदर हालात काबू में करने के लिए Police Special Task Force (STF), Riot Control यूनिट और सेना के जवानों को तैनात किया गया। निगरानी के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। तनाव को कम करने के लिए प्रशासन ने कुछ कैदियों को Negombo जेल से हटाकर देश की अन्य जेलों में भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।
हिंसा के बाद जेल के बाहर कैदियों के रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने बाद में परिजनों को Negombo General Hospital ले जाकर घायल कैदियों से मिलने की सुविधा दी। न्याय मंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।
