श्रीलंका की जेल में बंद 19 भारतीय मछुआरों को आखिरकार रिहा कर दिया गया है। ये सभी मछुआरे सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को वापस भारत आए और शाम तक चेन्नई पहुँच गए। श्रीलंकाई नेवी ने इन्हें समुद्री सीमा पार करने और अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में पकड़ा था।

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मछुआरों की रिहाई कैसे हुई और कौन लोग थे इसमें शामिल?

इन मछुआरों का संबंध तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले से था। भारत के हाई कमीशन और दूतावास के अधिकारियों ने इनकी रिहाई के लिए काफी काम किया। दूतावास ने मछुआरों के रहने के लिए कैंप की व्यवस्था की और उन्हें यात्रा के लिए जरूरी कागजात दिलाए। चेन्नई पहुँचने पर Fisheries Department ने इनका स्वागत किया और उन्हें उनके घर पहुँचाने में मदद की।

रिहाई के बाद मछुआरों ने क्या बताया और कितना जुर्माना लगा?

रिहा हुए मछुआरों में से एक, Sebastian ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने बताया कि पीएम के हस्तक्षेप की वजह से उनकी रिहाई संभव हुई। हालांकि, रिहाई आसान नहीं थी क्योंकि उन पर भारी जुर्माना लगाया गया था। कुछ मछुआरों को 25,000 रुपये और नाव चलाने वालों को 40 लाख रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ा।

श्रीलंका में भारतीय मछुआरों की गिरफ़्तारी का ताज़ा हाल

साल 2026 में अब तक श्रीलंका ने कुल 128 भारतीय मछुआरों को पकड़ा है। पाल्क स्ट्रेट में मछली पकड़ने को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद पुराना है। हाल के दिनों में हुई गिरफ़्तारी की जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:

तारीख पकड़े गए मछुआरे जगह
16 अप्रैल 2026 4 मछुआरे मन्नार
13 अप्रैल 2026 4 मछुआरे रामेश्वरम
अप्रैल 13 से पहले 12 मछुआरे जाफना (कोविलम)
9 अप्रैल 2026 10 मछुआरे मन्नार (उत्तर)
25 मार्च 2026 19 मछुआरे श्रीलंका सीमा
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.