एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने भारत में हाई स्पीड इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना बताई है। आगामी महीने से यह सेवा उपलब्ध हो सकती है। स्टारलिंक को GMPCS (ग्लोबल मोबाइल पर्सनल कम्युनिकेशन बाय सैटेलाइट) लाइसेंस प्राप्त होने की आशा है, जिसके बाद यह स्पेक्ट्रम आवंटन के लिए पात्र बनेगी।

लाइसेंस प्राप्ति की प्रक्रिया

स्टारलिंक ने बीते वर्ष GMPCS लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। दूरसंचार विभाग ने बताया कि स्टारलिंक के आवेदन को आगे बढ़ाने में समय लगा, क्योंकि कुछ आवश्यक दस्तावेजों की व्यवस्था में देरी हुई थी। GMPCS लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी करने के लिए स्टारलिंक को विभिन्न विभागों से मंजूरी प्राप्त करनी होगी।

स्टारलिंक की फीस और प्रमोशनल ऑफर्स

स्टारलिंक की सेवाओं की फीस थोड़ी अधिक हो सकती है, क्योंकि यह फाइबर आधारित ब्रॉडबैंड सेवा से अलग होती है। हालांकि, कुछ प्रमोशनल ऑफर्स भी दी जा सकती हैं। सेटअप लगाने के लिए 8 से 10 हजार रुपये और मासिक 300 से 400 रुपये की फीस लग सकती है।

महत्वपूर्ण सूचना तालिका

परियोजना विवरण
लाइसेंस प्रकार GMPCS लाइसेंस
लाइसेंस अवधि 20 साल
स्टारलिंक सेवा शुरू होने की तिथि अगले महीने से
सेटअप शुल्क 8 से 10 हजार रुपये
मासिक फीस 300 से 400 रुपये

यह लेख स्टारलिंक के भारत में प्रवेश की योजना को स्पष्टता से बताता है, जो देश में इंटरनेट एक्सेस की गुणवत्ता और उपलब्धता में सुधार कर सकता है