होरमुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को लेकर तनाव बढ़ गया है। 14 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे से अमेरिकी नौसेना ने इस अहम समुद्री रास्ते पर नाकेबंदी लागू कर दी है। अमेरिकी सेना के CENTCOM ने पुष्टि की कि उन्होंने ईरान के जहाजों और ठिकानों को निशाना बनाने के लिए हमले भी शुरू किए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump का कहना है कि यह कदम केवल ईरान के व्यापार को रोकने के लिए है और दूसरे देशों के लिए रास्ता खुला रहेगा।

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ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया और सैन्य तनाव

ईरान ने इस नाकेबंदी को सीधे तौर पर खारिज कर दिया है। ईरान के IRGC ने धमकी दी है कि अगर अमेरिका का दखल जारी रहा, तो वे क्षेत्र से तेल और गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद कर देंगे। ईरान ने दावा किया कि उनके द्वीप Qeshm पर नए हमले हुए हैं और इसके जवाब में उन्होंने Bahrain, Kuwait और Jordan में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इस विवाद के बीच ईरान की संसद में भी आवाजाही को लेकर नया बिल पेश किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय चिंता और प्रवासियों पर असर

इस पूरे मामले को लेकर दुनिया भर में चिंता है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने इसे आम नागरिकों के लिए बड़ा झटका बताया है। UAE के दो तेल टैंकरों पर हुए हमलों की Qatar और Kuwait ने कड़ी निंदा की है, जिसमें एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई थी और आठ लोग घायल हुए थे। ओमान के पास भी एक नॉर्वेजियन जहाज में विस्फोट की खबर है। India और New Zealand ने अपने राजनयिकों को बुलाकर इस हिंसा पर अपना विरोध दर्ज कराया है। समुद्री रास्ते में आई इस रुकावट से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ने की आशंका है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com