होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव काफी बढ़ गया है और इसका सीधा असर समुद्री व्यापार पर दिख रहा है। 27 मार्च 2026 को ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने तीन अलग-अलग देशों के कंटेनर जहाजों को चेतावनी देकर वापस लौटने पर मजबूर कर दिया। ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को आधिकारिक तौर पर बंद घोषित कर दिया है, जिससे खाड़ी देशों सहित पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ने का डर है।

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ईरानी नौसेना ने जहाजों को क्यों रोका?

रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की नौसेना ने 27 मार्च को एक बड़ा फैसला लेते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का आदेश जारी किया। सेना की ओर से साफ कहा गया है कि अमेरिका और इजरायल के समर्थक देशों के जहाजों को इस रास्ते से गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी। जो तीन जहाज वापस भेजे गए हैं, वे अलग-अलग देशों के थे और उन्हें कड़ी चेतावनी दी गई थी। ईरानी सेना का कहना है कि इस इलाके में किसी भी तरह की हलचल होने पर बहुत सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह तनाव फरवरी के अंत से ही लगातार बना हुआ है।

ब्रिटेन और अमेरिका ने मामले पर क्या कहा?

इस घटना के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री Yvette Cooper ने ईरान पर हमला बोलते हुए कहा कि वे दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बना रहे हैं। उन्होंने इस विवाद को जल्द सुलझाने की मांग की है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को दी गई आखिरी तारीख को बढ़ाकर अब 6 अप्रैल कर दिया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए भी यह खबर अहम है, क्योंकि इस रास्ते के बंद होने से जरूरी सामानों की कीमतों में बदलाव आ सकता है।

घटना से जुड़े कुछ जरूरी मुख्य तथ्य

तारीख 27 मार्च 2026
कार्रवाई 3 कंटेनर जहाजों को लौटाया गया
मुख्य आदेश होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किया गया
वजह अमेरिका-इजरायल समर्थित जहाजों पर रोक
ट्रंप की डेडलाइन 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ाई गई
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.