दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मच गया है। 19 मार्च 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इस रास्ते से व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है, जिसके रुकने से Brent Crude की कीमतें 60 प्रतिशत तक उछलकर 118 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई हैं।

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Strait of Hormuz बंद होने का मुख्य कारण और ताजा हालात

ईरान के Revolutionary Guard (IRGC) ने जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह फैसला 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हुए सैन्य हमलों के बाद लिया गया था। पिछले 24 घंटों में तनाव और बढ़ गया है क्योंकि ईरान ने सऊदी अरब के Yanbu रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया है। यह रिफाइनरी तेल निर्यात का एक वैकल्पिक रास्ता माना जाता था।

  • कुल तेल सप्लाई: प्रतिदिन लगभग 20 मिलियन बैरल तेल इसी रास्ते से जाता है।
  • शिपिंग की स्थिति: अब तक केवल 90 जहाज, जिनमें ज्यादातर भारत और चीन के हैं, वहां से निकल पाए हैं।
  • नए टैक्स की तैयारी: ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर सुरक्षा टैक्स और ट्रांजिट फीस लगाने पर विचार कर रहा है।

भारत और अन्य एशियाई देशों पर क्या होगा असर?

खाड़ी देशों से तेल आयात करने वाले भारत, पाकिस्तान, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है। जापान अपनी जरूरत का 93 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से मंगवाता है, इसलिए उसने अपने इमरजेंसी रिजर्व से तेल निकालना शुरू कर दिया है। पाकिस्तान में ईंधन की कमी को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां और सरकारी गाड़ियों के पेट्रोल में कटौती जैसे कदम उठाए गए हैं।

देश/संस्था उठाए गए कदम और प्रभाव
Japan इमरजेंसी रिजर्व से तेल की निकासी शुरू की
Pakistan ऊर्जा संरक्षण के लिए स्कूल बंद और पेट्रोल में कटौती
International Energy Agency (IEA) 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करने का फैसला
Saudi Arabia & UAE अपनी पाइपलाइनों के जरिए सप्लाई बढ़ाने की कोशिश

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सहयोगियों द्वारा मदद न मिलने पर नाराजगी जताई है, हालांकि उन्होंने कहा है कि अमेरिका को अब NATO या अन्य देशों की जरूरत नहीं है। वहीं यूरोपीय देश जैसे फ्रांस इस तनाव को कम करने और युद्धविराम की अपील कर रहे हैं। आम आदमी के लिए आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें और बढ़ सकती हैं क्योंकि सप्लाई चेन पूरी तरह बाधित हो चुकी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.