दुनियाभर में इस साल गर्मी के मौसम में ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF), इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) और वर्ल्ड बैंक जैसी बड़ी वैश्विक संस्थाओं ने एक साझा चेतावनी जारी की है। इन एजेंसियों का कहना है कि अगर Strait of Hormuz से जहाजों का आवागमन जल्द ही सामान्य नहीं हुआ, तो दुनिया के सामने ऊर्जा का बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। इस रास्ते से तेल की सप्लाई बाधित होने के कारण ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मचा हुआ है।

तेजी से खत्म हो रहा है दुनिया का तेल भंडार

वैश्विक संस्थाओं के प्रमुखों ने एक संयुक्त बयान में बताया कि Strait of Hormuz से होने वाली तेल सप्लाई रुकने की वजह से वैश्विक तेल भंडार बहुत तेजी से घट रहे हैं। अगर उत्तरी गोलार्ध में गर्मी के चरम सीजन से पहले जहाजों की आवाजाही शुरू नहीं हुई, तो बाजार की स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा को बड़ा नुकसान होगा। IEA के कार्यकारी निदेशक फातिह बिरोल ने इसे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा खतरा बताया है।

UAE और ईरान के बीच बढ़ता तनाव

इस संकट के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राज्य मंत्री खलीफा बिन शाहीन अल मरार ने पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में Strait of Hormuz को तुरंत खोलने की मांग की थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जहाजों के रास्ते में बाधा डालने के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, ईरान के सैन्य कमान का कहना है कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को उनके साथ तालमेल बिठाना होगा। तनाव को देखते हुए UAE के विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों के लिए ईरान, लेबनान और इराक की यात्रा पर प्रतिबंध भी लगाया हुआ है।

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की उम्मीद

ताजा रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के साथ एक संभावित समझौते पर फैसला ले सकते हैं, जिसमें इस जलमार्ग को खोलने और शांति बहाल करने की शर्तें शामिल हैं। अगर दोनों देशों के बीच समझौता होता है, तो शांति समझौते के करीब 30 दिनों के बाद इस समुद्री रास्ते को दोबारा खोला जा सकता है, जिसमें बारूदी सुरंगों को हटाना भी शामिल होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz बंद रहने से क्या असर पड़ेगा?

इससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई रुक जाएगी, जिससे पेट्रोल और डीजल की भारी कमी हो सकती है और वैश्विक स्तर पर आर्थिक संकट गहरा सकता है।

वैश्विक एजेंसियों ने क्या चेतावनी जारी की है?

IMF, वर्ल्ड बैंक और IEA ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल भंडार रिकॉर्ड गति से घट रहे हैं। यदि सप्लाई जल्दी बहाल नहीं हुई तो गर्मियों में ईंधन की गंभीर किल्लत हो जाएगी।