Strait of Hormuz बंद होने से दुनिया में मचेगी तबाही, 4.5 करोड़ लोग हो सकते हैं भूखे, World Food Program ने जारी किया अलर्ट

Middle East में बढ़ते तनाव की वजह से Strait of Hormuz बंद हो गया है, जिसका सीधा असर पूरी दुनिया के खाने-पीने की चीजों पर पड़ा है। World Food Program (WFP) ने चेतावनी दी है कि इससे दुनिया के सबसे गरीब और कमजोर देशों में भूख और गरीबी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। लाखों टन अनाज और खेती के लिए जरूरी खाद की सप्लाई पूरी तरह रुक गई है।

ℹ️: Hormuz Strait बंद होने से दुनिया में बढ़ेगा अनाज का संकट, 4.5 करोड़ लोग भुखमरी की कगार पर

आम लोगों और गरीब देशों पर क्या असर होगा?

WFP के मुताबिक, अगर यह तनाव जारी रहा तो करीब 4.5 करोड़ और लोग भूख की चपेट में आ सकते हैं। जहाजों से सामान भेजने का खर्च 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिससे बाजारों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ेंगे। सूडान जैसे देशों की हालत और खराब हो सकती है क्योंकि वे अपना 80 प्रतिशत गेहूं और आधे से ज्यादा खाद इसी इलाके से मंगाते हैं।

सप्लाई चेन और अनाज की डिलीवरी में क्या समस्या है?

WFP की डायरेक्टर Corinne Fleischer ने बताया कि यह COVID-19 और यूक्रेन युद्ध के बाद सप्लाई चेन में आई सबसे बड़ी रुकावट है। करीब 70,000 मीट्रिक टन अनाज जहाजों में फंसा हुआ है। लेबनान में सामान ढोने का खर्च 45 प्रतिशत बढ़ गया और अफगानिस्तान में यह खर्चा तीन गुना हो गया है। दुनिया की एक-तिहाई खाद इसी रास्ते से गुजरती है, जिससे आने वाले समय में फसलें कम हो सकती हैं।

विवरण असर या डेटा
शिपिंग खर्च में बढ़ोत्तरी 15-20%
लेबनान ट्रांसपोर्ट खर्च 45% की बढ़त
अफगानिस्तान ट्रांसपोर्ट खर्च 3 गुना बढ़त
प्रभावित अनाज (WFP) 70,000 मीट्रिक टन
संभावित भूखे लोग 4.5 करोड़
सूडान का गेहूं आयात 80%
वैश्विक खाद सप्लाई 1/3 हिस्सा

अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने क्या चेतावनी दी है?

FAO और UN ने इस स्थिति को ग्लोबल फूड तबाही बताया है। Carl Skau ने कहा कि बिना सही मदद के करोड़ों परिवार मुश्किल में पड़ जाएंगे जो पहले से ही खाने की कमी से जूझ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र ने खाद और कच्चे माल की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई है ताकि एक बड़े मानवीय संकट को रोका जा सके।