स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज को लेकर ईरान का बड़ा बयान, कहा अमरीका की मनमानी नहीं चलेगी और रास्ता बंद रहेगा.

अमरीका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच ईरान ने दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्ते को लेकर बड़ा कदम उठाया है। Mohsen Rezaei जो कि ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव हैं, उन्होंने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz अभी भी बंद है और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक अमरीका अपनी हरकतों को नहीं सुधारता है।
ईरान की शर्तें और अमरीका का दावा
ईरान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमरीका उनकी जमी हुई संपत्ति को वापस नहीं करता और तेल पर लगे प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाता नहीं है, तब तक यह रास्ता बंद ही रहेगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने यह भी कहा कि उनका देश इस समय आर्थिक और सैन्य स्तर पर पूरी ताकत से युद्ध लड़ रहा है। संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने भी यह बात दोहराई है कि जब तक वॉशिंगटन चौदह सूत्रीय समझौते को नहीं मानता, तब तक यह बंदी जारी रहेगी। दूसरी तरफ, अमरीका के राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर इस रास्ते को नया अमरीकी क्षेत्र बताया है और अमरीकी ऊर्जा मंत्री Chris Wright ने दावा किया है कि पिछले मंगलवार को पंद्रह मिलियन बैरल से ज्यादा कच्चा तेल अमरीकी नौसेना की सुरक्षा में इस रास्ते से निकाला गया है।
ओमान के साथ समझौता और क्षेत्रीय असर
ईरान का यह भी कहना है कि उन्होंने ओमान के साथ एक बीच के रास्ते यानी middle route को लेकर शुरुआती बातचीत कर ली है, हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक साझा बयान जारी नहीं किया गया है। ईरान ने उन सभी देशों को चेतावनी दे दी है जो अमरीका के साथ मिलकर तेहरान के खिलाफ आर्थिक अभियान चला रहे हैं, क्योंकि उन्हें दुश्मन माना जाएगा। इस तनाव भरे माहौल का असर उन लोगों पर भी पड़ सकता है जो खाड़ी देशों में काम करते हैं या व्यापार से जुड़े हैं, क्योंकि समुद्री रास्ते बंद होने से तेल की कीमतों और बाजार पर सीधा असर पड़ता है।