Strait of Hormuz बंद होने की वजह से पूरी दुनिया में तेल का संकट खड़ा हो गया है। UAE के उद्योग और उन्नत प्रौद्योगिकी मंत्री तथा ADNOC के CEO सुल्तान अल जाबेर ने बताया कि दुनिया पहले ही 1 अरब बैरल तेल की कमी झेल रही है। इसका सीधा असर आम परिवारों, किसानों और फैक्ट्रियों की जेब पर पड़ेगा और हर चीज़ की लागत बढ़ती जाएगी।

तेल की कमी और आम आदमी पर इसका असर

सुल्तान अल जाबेर ने X पर जानकारी दी कि जब तक Strait of Hormuz बाधित रहेगा, वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता रहेगा। उन्होंने इसे आर्थिक आतंकवाद करार दिया है। ईरान ने इस जलमार्ग को नियंत्रित करने के लिए Persian Gulf Strait Authority नाम की एक एजेंसी बनाई है, जिससे जहाजों के आने-जाने पर पाबंदी और टैक्स का खतरा बढ़ गया है। 9 अप्रैल 2026 तक तेल से लदे करीब 230 जहाज रवाना होने का इंतज़ार कर रहे हैं, जिससे ऊर्जा आपूर्ति में 40 दिनों की बड़ी कमी आई है।

जहाजों पर हमले और नाविकों का संकट

समुद्र में बढ़ते तनाव के कारण हालात काफी गंभीर हो गए हैं। नीचे दी गई टेबल से समझें कि इस विवाद ने कितना नुकसान किया है:

विवरण आंकड़े
कुल जहाजों पर हमले 22 जहाज
नाविकों की मौत 10 सदस्य
फंसे हुए वाणिज्यिक जहाज 800 जहाज (400 टैंकर)
अटक गए नाविक लगभग 20,000

UN और अमेरिका का सख्त रुख

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने चेतावनी दी है कि अगर उर्वरक (Fertilizer) के शिपमेंट को रास्ता नहीं मिला, तो दुनिया भर में लाखों लोग भुखमरी का सामना कर सकते हैं। उन्होंने युद्धविराम बनाए रखने और जलमार्ग को बिना शर्त खोलने की मांग की है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के शांति प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रम्प अब Project Freedom के जरिए सैन्य अभियान शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, जिससे तेल की कीमतों में और तेज़ी आने की संभावना है। वहीं, इसराइल ने UAE की सुरक्षा के लिए वहां आयरन डोम एंटी-मिसाइल सिस्टम और कर्मी भेजे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz बंद होने से आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

इससे दुनिया भर में तेल की कमी होगी, जिससे पेट्रोल-डीज़ल महंगा होगा और फैक्ट्रियों व खेती की लागत बढ़ने से खाने-पीने की चीज़ों के दाम बढ़ सकते हैं।

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने किस बड़े खतरे की चेतावनी दी है?

UN ने चेतावनी दी है कि अगर खाद और उर्वरक ले जाने वाले जहाजों को रास्ता नहीं मिला, तो आने वाले समय में गंभीर खाद्य सुरक्षा संकट पैदा हो सकता है और लाखों लोग भूख से जूझ सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.