अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से Strait of Hormuz को बंद कर दिया गया है। 17 जुलाई 2026 को इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते के बंद रहने से दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस रास्ते से दुनिया की एक-चौथाई ऊर्जा की आपूर्ति होती है और इसके बंद रहने से एशिया से यूरोप तक होने वाला व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
ऊर्जा सुरक्षा पर IEA की चेतावनी
International Energy Agency (IEA) के प्रमुख Fatih Birol ने चेतावनी दी है कि अगर इस रास्ते से तेल की आवाजाही में सुधार नहीं हुआ, तो वैश्विक स्तर पर तेल की सुरक्षा एक गंभीर समस्या बनी रहेगी। ईरान का कहना है कि वे इस जलमार्ग पर अपना अधिकार बनाए रखना चाहते हैं और उन्होंने अमेरिकी सेना को क्षेत्र से बाहर जाने की मांग की है।
हमलों और सैन्य कार्रवाई का असर
ईरान ने कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इसमें अकेले कुवैत में 32 ईरानी ड्रोन को मार गिराया गया है। इसके जवाब में अमेरिका ने लगातार छठी रात ईरान के सैन्य ठिकानों, एयर डिफेंस साइट्स और तटीय सुरक्षा केंद्रों पर हमले किए हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि जब तक रास्ता नहीं खुलता, तब तक सैन्य हमले जारी रहेंगे और ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी भी की जा रही है। 16 जुलाई को इस रास्ते से केवल तीन कमोडिटी जहाज गुजर पाए, जो मई के बाद से सबसे कम संख्या है और कोई भी बड़ा तेल टैंकर वहां से नहीं निकल सका है।
