दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. UN चीफ Antonio Guterres ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुकने से पूरी दुनिया की कमर टूट सकती है. इसका सीधा असर खाने-पीने की चीजों, तेल और सामानों की सप्लाई पर पड़ेगा जिससे महंगाई बहुत बढ़ जाएगी. अगर यह संकट नहीं सुलझा तो करोड़ों लोग गरीबी और भुखमरी की चपेट में आ सकते हैं.

Strait of Hormuz बंद होने से आम लोगों पर क्या असर होगा?

UN चीफ ने बताया कि इस समुद्री रास्ते के बंद होने से सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि आम आदमी की जिंदगी पर बुरा असर पड़ेगा. उन्होंने चेतावनी दी कि इससे दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों की कमी हो जाएगी और कीमतें आसमान छुएंगी. खासकर खाद की कमी के कारण फसलों की पैदावार घटेगी जिससे भूखमरी बढ़ेगी. उन्होंने साफ कहा कि इसके परिणाम बहुत गंभीर और तेजी से बढ़ने वाले होंगे.

आर्थिक संकट और भविष्य के खतरों का डेटा

Antonio Guterres ने तीन अलग-अलग स्थितियां बताई हैं जिनसे दुनिया को गुजरना पड़ सकता है. इसमें आर्थिक विकास दर और महंगाई के आंकड़े काफी डराने वाले हैं.

स्थिति (Scenario) ग्लोबल ग्रोथ (Growth) महंगाई (Inflation) मुख्य असर
तुरंत रास्ता खुलने पर (Best-case) 3.4% से घटकर 3.1% 4.4% तक सप्लाई चेन को ठीक होने में महीनों लगेंगे
साल के बीच तक बंद रहने पर (Mid-year) 3.2 करोड़ लोग गरीब और 4.5 करोड़ लोग भूखे होंगे
साल के अंत तक बंद रहने पर (Worst-case) गिरकर 2% पर आएगा 6% से ज्यादा पूरी दुनिया में भारी मंदी (Global Recession) का खतरा

दुनिया के बड़े देशों और संस्थाओं का क्या कहना है?

इस संकट को लेकर दुनिया के देशों में खींचतान चल रही है. ईरान ने कहा है कि वह इस रास्ते पर अपना नियंत्रण रखेगा. दूसरी तरफ अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी कर दी है और वह Maritime Freedom Construct नाम का एक समूह बना रहा है ताकि रास्ता खोला जा सके. France और UK भी अलग से कोशिशें कर रहे हैं. वहीं China और Russia ने सुरक्षा बढ़ाने वाले प्रस्ताव को रोक दिया है. इस बीच 20,000 से ज्यादा नाविक समुद्र में फंसे हुए हैं क्योंकि जहाजों की आवाजाही 90% से ज्यादा गिर गई है. अब पहले की तरह 130 जहाजों की जगह हर दिन 10 से भी कम जहाज वहां से गुजर पा रहे हैं.

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz विवाद से आम आदमी पर क्या असर पड़ेगा?

इस रास्ते के बंद होने से ग्लोबल सप्लाई चेन टूट जाएगी, जिससे तेल, खाने-पीने की चीजें और जरूरी सामान महंगे हो जाएंगे और दुनिया में मंदी आने का खतरा रहेगा।

वर्तमान में जहाजों की आवाजाही की क्या स्थिति है?

शिपिंग ट्रैफिक में 90% से ज्यादा की गिरावट आई है। जहां पहले रोजाना करीब 130 जहाज गुजरते थे, अब वहां 10 से भी कम जहाज जा पा रहे हैं और 20,000 नाविक फंसे हुए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.