होरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव की स्थिति गंभीर हो गई है और इसका असर अब पूरी दुनिया के बाजारों पर दिख रहा है। 20 जुलाई 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि इस समुद्री रास्ते पर उनकी संप्रभुता बरकरार है और वे इसे किसी भी खतरे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है क्योंकि इसका सीधा असर सुरक्षा और व्यापार पर पड़ रहा है।
🚨: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव, इस्लामाबाद समझौते को रद्द कर अमेरिका पर लगाए गंभीर आरोप।
तेल की कीमतों में उछाल और सैन्य टकराव
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जानकारी दी कि दो तेल टैंकर एक असुरक्षित रास्ते का इस्तेमाल करते समय विस्फोट का शिकार हुए। इसके बाद से ही पूरे इलाके में हलचल मची हुई है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान पर इस रास्ते का इस्तेमाल दबाव बनाने के लिए करने का आरोप लगाया है। वहीं, अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि पिछले 9 दिनों से ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं ताकि समुद्री जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस तनाव का असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ा है। तनाव बढ़ने के कारण Brent crude oil की कीमतें 3 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई हैं और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। ईरान के सैन्य अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिका उनके अधिकारों का सम्मान नहीं करता, तो स्थिति सामान्य होने में दिक्कतें बनी रहेंगी। फिलहाल इस पूरे क्षेत्र में सैन्य हलचल और अनिश्चितता का माहौल है।
