खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बनते दिख रहे हैं और तनाव काफी बढ़ गया है क्योंकि ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग अब सीधी धमकियों में बदल गई है। कताइब हिजबुल्लाह के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को जबरन खोलने की कोशिश की गई, तो क्षेत्र के सभी तेल और गैस ठिकानों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए मंगलवार रात तक का समय दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।
ईरान और कताइब हिजबुल्लाह की क्या है चेतावनी?
ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, कताइब हिजबुल्लाह के महासचिव अबू हुसैन अल-हामिदवी ने कहा है कि दुश्मनों को पता होना चाहिए कि किसी भी जबरदस्ती का अंजाम बुरा होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पावर प्लांट भी उनके निशाने पर हैं और इस मामले में कोई रेड लाइन नहीं है। ईरान के सैन्य कमान ने भी साफ किया है कि अगर उनके नागरिक ठिकानों पर हमला हुआ, तो वे और भी भयानक जवाबी कार्रवाई करेंगे।
खाड़ी देशों और तेल की कीमतों पर क्या असर होगा?
पिछले पांच हफ्तों से होर्मुज जलडमरूमध्य बंद रहने की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है और ब्रेंट क्रूड का भाव 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। यूएई और बहरीन जैसे देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से दखल देने की मांग की है क्योंकि इससे न केवल ऊर्जा बल्कि खाद्य सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो गया है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी चिंताजनक है क्योंकि इससे महंगाई और यात्रा पर असर पड़ सकता है।
मौजूदा स्थिति के मुख्य आंकड़े और घटनाक्रम
| विषय | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| ट्रंप का अल्टीमेटम | मंगलवार, 7 अप्रैल रात 8 बजे तक का समय दिया |
| तेल की कीमतें | ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर खुला |
| सैन्य कार्रवाई | तेहरान और बहरीन में ड्रोन और मिसाइल हमले हुए |
| मध्यस्थता | ओमान और ईरान के बीच बातचीत के प्रयास जारी |
| मौत की खबर | तेहरान और इजरायल में हमलों में लोगों की जान गई |
ईरान के वरिष्ठ सलाहकारों ने यह भी संकेत दिया है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने हमले तेज किए, तो वे बाब अल-मंडब जैसे अन्य समुद्री रास्तों को भी निशाना बना सकते हैं। फिलहाल खाड़ी देशों ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है और दुनिया की नज़रें मंगलवार को खत्म होने वाली समय सीमा पर टिकी हैं।
