Hormuz संकट का असर, अब Malacca Strait पर बढ़ी दुनिया की नजर, तेल और व्यापार की सप्लाई पर संकट का खतरा

Hormuz Strait में मचे घमासान के बाद अब पूरी दुनिया की नजरें Malacca Strait पर टिक गई हैं। यह दुनिया का सबसे व्यस्त समुद्री रास्ता है जहाँ से दुनिया का बड़ा व्यापार और तेल गुजरता है। अगर यहाँ कोई दिक्कत हुई तो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सामानों की कीमतों पर सीधा असर पड़ेगा।

Malacca Strait इतना जरूरी क्यों है और यहाँ क्या खतरा है?

यह समुद्री रास्ता करीब 900 किलोमीटर लंबा है, लेकिन कुछ जगहों पर यह बहुत संकरा हो जाता है। सिंगापुर स्ट्रेट के Phillips Channel में यह सिर्फ 2.7 किलोमीटर तक सिमट जाता है, जिससे जहाजों के टकराने या तेल रिसने का खतरा बढ़ जाता है। साल 2025 में यहाँ से 1 लाख 2 हजार से ज्यादा जहाज गुजरे हैं, जो 2024 के मुकाबले काफी ज्यादा थे। चीन अपनी 80 प्रतिशत तेल की जरूरत इसी रास्ते से पूरी करता है, जिसे रणनीतिक तौर पर ‘Malacca Dilemma’ कहा जाता है।

क्या जहाजों से टोल टैक्स लिया जाएगा?

इंडोनेशिया के एक अधिकारी ने टोल टैक्स लेने की बात कही थी, लेकिन बाद में इंडोनेशिया के विदेश मंत्रालय ने इसे आधिकारिक नीति से इनकार कर दिया। अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS के मुताबिक समुद्री रास्तों पर टोल लेना या पाबंदी लगाना मना है। सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालकृष्णन और मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने भी साफ कर दिया है कि वे किसी भी तरह के टोल या रास्ते को बंद करने के समर्थन में नहीं हैं और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करेंगे।

सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय समझौतों का क्या हाल है?

समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिए अमेरिका और इंडोनेशिया ने 13 अप्रैल 2026 को एक रक्षा समझौता किया है। इसके साथ ही Malacca Strait Patrol (MSP) और ‘Eyes in the Sky’ जैसे एयर पेट्रोल के जरिए निगरानी रखी जा रही है। समुद्री लुटेरों से निपटने के लिए ReCAAP जैसे फ्रेमवर्क पर भी काम हो रहा है ताकि व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे।