Strait of Hormuz में जहाजों को लूटने का एक नया तरीका सामने आया है. कुछ अनजान लोग खुद को ईरान का अधिकारी बताकर शिपिंग कंपनियों से बिटकॉइन और टेदर जैसे क्रिप्टोकरेंसी मांग रहे हैं. ग्रीक कंपनी MARISKS ने इस बारे में सख्त चेतावनी जारी की है ताकि कोई भी कंपनी इस ठगी का शिकार न हो.

ईरान के नाम पर कैसे हो रही है ठगी?

MARISKS कंपनी ने जानकारी दी है कि शिपिंग कंपनियों को फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं. इन मैसेज में दावा किया गया है कि जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी में फीस देनी होगी. कंपनी ने साफ किया है कि ये मैसेज पूरी तरह फर्जी हैं और इनका ईरान के आधिकारिक अधिकारियों से कोई संबंध नहीं है.

जहाजों और नाविकों पर क्या असर पड़ रहा है?

इस धोखाधड़ी के कारण समुद्र में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. खबर है कि 19 अप्रैल 2026 को एक जहाज इस घोटाले का शिकार हुआ और उसके बाद उस पर गोलीबारी भी हुई. वर्तमान में खाड़ी क्षेत्र में सैकड़ों जहाज और करीब 20,000 नाविक फंसे हुए हैं. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की वजह से इस रास्ते पर नाकाबंदी भी लागू है.

क्या ईरान सच में पैसे मांग रहा है?

अप्रैल की शुरुआत में ईरान के कुछ अधिकारियों ने तेल टैंकरों से डिजिटल करेंसी में टोल लेने का सुझाव दिया था. उन्होंने $1 प्रति बैरल का प्रस्ताव रखा था ताकि वे हथियारों की जांच कर सकें और प्रतिबंधों से बच सकें. लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, इस अंतरराष्ट्रीय रास्ते से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ऐसा शुल्क लेना गैरकानूनी है.

विवरण जानकारी
चेतावनी देने वाली संस्था MARISKS (ग्रीक फर्म)
मांगे गए सिक्के बिटकॉइन और टेदर (Bitcoin/Tether)
फंसे हुए नाविकों की संख्या करीब 20,000
प्रभावित क्षेत्र Strait of Hormuz
हमले की तारीख 19 अप्रैल 2026
लागू अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.