जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में लगातार जारी तनाव के कारण पूरी दुनिया में खाने-पीने की चीज़ों और ईंधन की भारी किल्लत हो सकती है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने चेतावनी दी है कि इस समुद्री रास्ते में रुकावट सिर्फ जहाजों की आवाजाही का मुद्दा नहीं है, बल्कि इससे वैश्विक खाद्य संकट पैदा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र और यूएई के अधिकारियों ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई है और ईरान से अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करने की अपील की है।

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Strait of Hormuz बंद होने से कैसे आ सकता है खाद्य संकट?

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने 22 मई 2026 को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एफएओ के मुख्य अर्थशास्त्री मैक्सिमो टोरेरो के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज व्यावहारिक रूप से 28 फरवरी से ही बंद है। इसके कारण अगले 6 से 12 महीनों के भीतर दुनिया भर में खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

इस समुद्री रास्ते से खेती के लिए सबसे जरूरी चीज़ यानी खाद (Fertilizer) का एक बड़ा हिस्सा दुनिया भर में भेजा जाता है। खाद और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण फसलों की पैदावार कम हो सकती है, जिससे खाने का गंभीर संकट पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने भी चेतावनी दी है कि दुनिया इस वक्त एक बड़े खाद्य संकट की कगार पर खड़ी है और इस रास्ते को तुरंत खोला जाना चाहिए।

UAE ने संयुक्त राष्ट्र में उठाई आवाज़, ईरान पर लगाए आरोप

यूएन में यूएई की उप स्थायी प्रतिनिधि गसक शाहीन ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि ईरान के हमलों और रुकावटों से आम नागरिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने कहा कि इससे वैश्विक आर्थिक सुरक्षा और मानवीय सहायता पहुंचाने के काम में भी रुकावट आ रही है। यूएई ने बताया कि ईरान संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का पालन नहीं कर रहा है, जिसमें हमलों को रोकने और समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने की बात कही गई थी।

यूएई अधिकारियों के अनुसार, उन पर कई बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों से हमले किए गए हैं। इस बीच, यूएई के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता होने की 50-50 संभावना है, जिससे इस रास्ते पर जहाजों की सुरक्षा तय की जा सकेगी।

ईंधन संकट और तेल बाजार पर पड़ने वाला असर

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने चेतावनी दी है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लंबे समय तक बंद रहता है, तो जुलाई या अगस्त तक वैश्विक तेल बाजार पूरी तरह से “रेड जोन” में चला जाएगा। इससे आपातकालीन तेल भंडार खत्म हो सकते हैं और तेल टैंकरों की आवाजाही पर और भी बुरा असर पड़ेगा।

इस संकट से निपटने के लिए यूएई वैकल्पिक रास्तों पर काम कर रहा है। यूएई एक वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पर काम कर रहा है, जिससे होर्मुज को बाईपास करके तेल निर्यात किया जा सके। इस पाइपलाइन की क्षमता को साल 2027 तक और बढ़ाने की योजना है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz का बंद होना दुनिया के लिए क्यों खतरनाक है?

इस रास्ते से दुनिया भर में भेजे जाने वाले खाद (fertilizer) और तेल का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। इसके बंद होने से खाद और ईंधन की कीमतें बढ़ेंगी, जिससे फसलों की पैदावार कम होगी और खाने-पीने की चीज़ों की महंगाई बढ़ सकती है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 2817 (2026) क्या है?

यह प्रस्ताव समुद्री नौवहन अधिकारों की रक्षा करने, आम नागरिकों को सुरक्षित रखने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हो रहे हमलों को तुरंत रोकने के लिए पारित किया गया था, जिसका पालन करने की अपील यूएई ने की है।

इस संकट से बचने के लिए यूएई क्या कदम उठा रहा है?

यूएई अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशों में शामिल है और साथ ही एक नई वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन पर काम कर रहा है, ताकि तेल भेजने के लिए होर्मुज रास्ते पर निर्भरता को कम किया जा सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com