Strait of Hormuz में एक साउथ कोरियाई कार्गो शिप पर ड्रोन से हमला हुआ है। इस हमले की वजह से जहाज पर आग लग गई, हालांकि अच्छी बात यह रही कि किसी को चोट नहीं आई। UAE सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।

क्या था पूरा मामला और कब हुआ हमला?

यह हमला 4 मई 2026 को HMM Namu नाम के एक साउथ कोरियाई कार्गो जहाज पर हुआ। उस समय यह जहाज UAE के उम्म अल कुवैन (Umm Al Quwain) पोर्ट के पास खड़ा था। साउथ कोरिया की जांच में पता चला कि दो अज्ञात हवाई वस्तुओं ने जहाज पर हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई। साउथ कोरियाई सरकार ने भी इस हमले की निंदा की है और इस मामले में ईरान के राजदूत को तलब किया है।

UAE सरकार और विदेश मंत्रालय (MoFA) का क्या कहना है?

UAE के विदेश मंत्रालय (MoFA) ने 11 मई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। मंत्रालय ने इस आतंकवादी ड्रोन हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय नौवहन की सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। MoFA ने साफ किया कि यह हमला UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का सीधा उल्लंघन है, जो समुद्री रास्तों की आजादी और व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा पर जोर देता है। UAE ने साउथ कोरिया के साथ अपनी एकजुटता जताई है और उनके हितों की सुरक्षा का पूरा समर्थन किया है।

समुद्री रास्तों पर हमले और बढ़ता तनाव

UAE सरकार ने चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz का इस्तेमाल आर्थिक दबाव बनाने या ब्लैकमेल करने के लिए करना समुद्री डकैती जैसा काम है। यह न केवल क्षेत्रीय स्थिरता बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी खतरा है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में तनाव बढ़ा है और 11 मई के आसपास कतर, UAE और कुवैत जैसे देशों पर भी ड्रोन हमलों की खबरें आई हैं, जिससे पूरे गल्फ क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हमला किस जहाज पर और कहां हुआ था?

यह हमला HMM Namu नाम के साउथ कोरियाई कार्गो शिप पर हुआ था। यह जहाज UAE के उम्म अल कुवैन पोर्ट के पास खड़ा था।

UAE सरकार ने इस हमले को किस तरह परिभाषित किया है?

UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे एक आतंकवादी हमला और UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 का उल्लंघन बताया है, जो समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा है।