Strait of Hormuz में सैन्य कार्रवाई को लेकर फ्रांस का बड़ा बयान, NATO की भूमिका पर साफ की स्थिति
फ्रांस ने साफ कर दिया है कि NATO का मुख्य काम यूरोप और अटलांटिक क्षेत्र की सुरक्षा करना है। फ्रांस की मंत्री Alice Rufo ने बुधवार, 1 अप्रैल 2026 को कहा कि Strait of Hormuz में अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ जाकर कोई भी ऑपरेशन करना NATO के दायरे में नहीं आता। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही को लेकर दुनिया भर के देशों के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है।
NATO और होर्मुज को लेकर फ्रांस ने क्या कहा?
फ्रांस की मंत्री Alice Rufo ने पेरिस में आयोजित एक फोरम के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि NATO एक रक्षात्मक गठबंधन है जिसका मकसद सिर्फ यूरो-अटलांटिक क्षेत्र की रक्षा करना है। उन्होंने साफ किया कि फ्रांस किसी भी ऐसी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा नहीं बनेगा जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती हो। यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump की उन खबरों के बाद आया है जिसमें वे मध्य पूर्व के विवादों में NATO की कम भागीदारी की वजह से गठबंधन छोड़ने पर विचार कर रहे हैं।
सुरक्षा मिशन और अन्य देशों की तैयारी
इस समुद्री रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए कई देश मिलकर चर्चा कर रहे हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने 35 देशों की एक बड़ी बैठक बुलाई है ताकि जहाजों को सुरक्षित निकालने के रास्तों पर बात हो सके। Bahrain ने भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में जहाजों की सुरक्षा के लिए एक प्रस्ताव पेश किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने पहले ही एक रक्षात्मक मिशन की तैयारी की बात कही थी, लेकिन उनका जोर इस बात पर है कि सब कुछ नियम के हिसाब से होना चाहिए।
व्यापार और खाड़ी देशों पर क्या होगा असर?
Strait of Hormuz दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है जहाँ से कच्चा तेल और गैस के बड़े जहाज गुजरते हैं। अगर यहाँ सुरक्षा को लेकर कोई बड़ा विवाद होता है, तो इसका सीधा असर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर पड़ेगा। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से भारत होने वाले व्यापार के लिए यह रास्ता जीवन रेखा की तरह है। कई देशों ने ईरान के हमलों की निंदा की है और मांग की है कि समुद्र में जहाजों को बिना किसी रोक-टोक के आने-जाने की आजादी मिलनी चाहिए।
| देश/संस्था | मुख्य रुख/बयान |
|---|---|
| France | NATO का इस्तेमाल होर्मुज में नहीं होना चाहिए |
| United Kingdom | 35 देशों के साथ मिलकर सुरक्षा पर चर्चा करेंगे |
| Bahrain | सुरक्षा के लिए UN में प्रस्ताव पेश किया |
| NATO | समुद्री रास्ता खोलने की क्षमता पर भरोसा जताया |
| USA | NATO की भूमिका पर सवाल उठाए |
| Iran | जहाजों पर हमलों के कारण चर्चा के केंद्र में |




