Strait of Hormuz: जहाजों की आवाजाही को लेकर फ्रांस और अमेरिका ने मिलाया हाथ, 35 देशों की बड़ी तैयारी
फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noël Barrot ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को बहाल करने के लिए फ्रांस और अमेरिका के लक्ष्य एक जैसे हैं। 27 मार्च 2026 को फ्रांस में हुई G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यह बात सामने आई है। इस समुद्री रास्ते पर सुरक्षा बहाल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं ताकि व्यापार और जहाजों का आना-जाना बिना किसी रुकावट के शुरू हो सके।
G7 देशों की बैठक में समुद्री सुरक्षा पर क्या चर्चा हुई?
फ्रांस में हुई G7 देशों की बैठक में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में Strait of Hormuz की स्थिति पर गहरी चिंता जताई गई। बैठक के बाद जारी हुए साझा बयान में कुछ मुख्य बातें कही गईं:
- समुद्री कानून और UNSC प्रस्ताव 2817 के तहत Strait of Hormuz में जहाजों की सुरक्षित और टोल-फ्री आवाजाही बहाल करना जरूरी है।
- ब्रिटेन की विदेश सचिव Yvette Cooper ने ईरान पर समुद्री रास्ते रोकने और दुनिया की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
- अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने अपने सहयोगियों को बताया कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बेअसर करना है।
- सभी देशों ने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचों पर होने वाले हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है।
35 देशों का नया गठबंधन और वर्तमान जमीनी हालात
फ्रांस के रक्षा मंत्रालय की ओर से एक वर्चुअल मीटिंग आयोजित की गई जिसमें दुनिया के 35 देशों के सैन्य प्रमुख शामिल हुए। इस मीटिंग का उद्देश्य Strait of Hormuz में तनाव खत्म होने के बाद व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक रक्षात्मक गठबंधन तैयार करना है। इसमें भारत के पड़ोस और खाड़ी क्षेत्र के कई देश भी शामिल होने की तैयारी में हैं।
| प्रमुख पक्ष | महत्वपूर्ण घटनाक्रम |
|---|---|
| France और US | समुद्री रास्ते की आजादी के लिए साझा लक्ष्य पर सहमत हुए |
| 35 देश | जहाजों की सुरक्षा के लिए एक सैन्य गठबंधन बनाने पर चर्चा की |
| Iran | बातचीत के बीच कुछ तेल टैंकरों को गुजरने की मंजूरी दी |
| UK और EU | व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की |
यह मुद्दा उन भारतीयों के लिए भी काफी अहम है जो खाड़ी देशों में रहते हैं या वहां काम करते हैं, क्योंकि Strait of Hormuz से ही तेल और अन्य सामान का बड़ा हिस्सा भारत आता है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत के बीच ईरान ने कुछ तेल टैंकरों को वहां से गुजरने की अनुमति दी है जिसे एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।




