Strait of Hormuz Shooting: भारतीय जहाजों पर ईरान ने की फायरिंग, भारत ने जताया गहरा दुख, रिश्तों पर बड़ा बयान आया सामने
Strait of Hormuz में भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर फायरिंग की घटना सामने आई है। इस खबर के बाद भारत सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और ईरान के राजदूत को बुलाकर अपनी गहरी चिंता जताई। हालांकि, ईरान के प्रतिनिधियों का कहना है कि भारत के साथ उनके संबंध बहुत मजबूत हैं और तनाव के बावजूद रिश्ते ठीक रहेंगे।
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भारतीय जहाजों पर फायरिंग और भारत का एक्शन
18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz से गुजर रहे दो भारतीय मर्चेंट जहाजों पर गोलीबारी की खबर आई। इस घटना के बाद भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने ईरान के राजदूत Dr. Mohammad Fathali को दिल्ली बुलाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भारत अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर बहुत चिंतित है। भारत ने ईरान से मांग की है कि वह इस मामले को सुलझाए और जहाजों के रास्ते को फिर से आसान बनाए।
ईरान का पक्ष और अमेरिका के साथ विवाद
ईरान ने इस कार्रवाई के पीछे अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके जहाजों और बंदरगाहों की नाकाबंदी की है, इसलिए उन्होंने Strait of Hormuz पर अपना मिलिट्री कंट्रोल बढ़ा दिया है। वहीं, ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि Abdul Majid Hakeem Ilahi ने कहा कि भारत और ईरान के रिश्ते बहुत मजबूत हैं। उन्होंने बताया कि इसी अच्छी दोस्ती की वजह से भारत को तेल लाने और जहाजों के रास्ते में मदद मिलती है।
घटना और बातचीत की पूरी जानकारी
| विवरण | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| घटना की तारीख | 18 अप्रैल 2026 |
| प्रभावित जहाज | दो भारतीय मर्चेंट जहाज |
| प्रमुख अधिकारी | Vikram Misri और Dr. Mohammad Fathali |
| ईरान का दावा | अमेरिका की नाकाबंदी के कारण मिलिट्री कंट्रोल बढ़ाया |
| नेतृत्व संवाद | PM Narendra Modi और राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच बातचीत हुई |