स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के समुद्री रास्ते पर तनाव के बीच भारत अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरान और अन्य देशों के संपर्क में है. सरकारी अधिकारियों ने बताया कि अब तक 10 भारतीय जहाज सुरक्षित तरीके से इस रास्ते को पार कर चुके हैं. भारत की कोशिश है कि व्यापारिक जहाजों को कोई नुकसान न हो और वे सुरक्षित तरीके से अपनी मंजिल तक पहुंच सकें.

भारतीय जहाजों के लिए क्या हैं नए सुरक्षा नियम?

भारत ने फारस की खाड़ी में चलने वाले भारतीय जहाजों के लिए एक नई सलाह जारी की है. इसके तहत जहाजों को लारैक द्वीप से दूर रहने को कहा गया है. साथ ही, अब जहाजों को केवल भारतीय नौसेना के निर्देशों का पालन करते हुए ही अपनी आवाजाही करनी होगी. भारतीय नौसेना इस समय स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार करने वाले सभी जहाजों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता दे रही है.

हाल ही में क्या घटनाएं हुईं और भारत का क्या रुख है?

18 अप्रैल को जग अर्णव और सनमार हेराल्ड नामक दो भारतीय जहाजों पर IRGC ने गोलीबारी की थी. इस घटना के बाद भारत ने ईरानी राजदूत को तलब किया और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने ईरान को अपनी गहरी चिंता से अवगत कराया. संयुक्त राष्ट्र में भारत के प्रतिनिधि हरीश परवथनेनी ने कहा कि नागरिक चालक दल को खतरे में डालना बिल्कुल अस्वीकार्य है और सुरक्षित नौपरिवहन जल्द बहाल होना चाहिए.

प्रमुख विवरण और शामिल संस्थाएं

नाम/संस्था स्थिति/भूमिका
देश गरिमा सफलतापूर्वक रास्ता पार किया
जग अर्णव और सनमार हेराल्ड गोलीबारी का सामना किया
विक्रम मिस्री विदेश सचिव, ईरानी अधिकारियों से बात की
हरीश परवथनेनी UN प्रतिनिधि, हमलों पर चिंता जताई
मसूद पेज़ेशकियन ईरानी राष्ट्रपति, राजनयिक समाधान की वकालत की
IRGC जहाजों पर गोलीबारी करने वाली इकाई
भारतीय नौसेना जहाजों की सुरक्षा और मार्गदर्शन में तैनात