भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर राहत भरी खबर आई है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर Green Sanvi सुरक्षित तरीके से Strait of Hormuz को पार कर गया है। इस टैंकर में 46,650 मीट्रिक टन गैस और 25 चालक दल के सदस्य सवार हैं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच यह सातवां भारतीय जहाज है जिसने इस रास्ते को सफलतापूर्वक पार किया है। सरकार ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि कर दी है और इसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बहुत जरूरी बताया है।
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Strait of Hormuz में सुरक्षा और नए नियम क्या हैं?
ईरान की क्रांतिकारी गार्ड (IRGC) ने इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए कुछ नए नियम और टोल सिस्टम शुरू किया है। अब जहाजों को चीनी युआन में फीस देने के लिए कहा जा रहा है और सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ रहा है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने साफ किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों की आवाजाही बिना किसी रुकावट के होनी चाहिए। भारत इस मुद्दे पर ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहा है ताकि समुद्री व्यापार सुरक्षित बना रहे और जहाजों को कोई खतरा न हो।
भारतीय नागरिकों और जहाजों की सुरक्षा पर ताजा रिपोर्ट
- 28 फरवरी 2026 से अब तक 6 लाख से ज्यादा भारतीय नागरिक पश्चिम एशिया के प्रभावित इलाकों से सुरक्षित वापस लौट चुके हैं।
- शिपिंग मंत्रालय के अनुसार 17 भारतीय जहाज और 460 क्रू सदस्य अभी खाड़ी क्षेत्र में हैं और वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
- मंगलौर में हाल ही में Sea Bird नाम का जहाज पहुंचा है जो ईरान से एलपीजी लेकर आया है।
- आने वाले दिनों में Green Asha और Jag Vikram नाम के दो और टैंकरों के भारत पहुंचने की उम्मीद जताई गई है।
- शिपिंग महानिदेशालय ने सहायता के लिए 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम बनाया है जो स्थिति पर नजर रख रहा है।
