सोशल मीडिया पर इन दिनों एक खबर काफी चर्चा में है कि Strait of Hormuz में भारत के 16 जहाज रोक लिए गए हैं. सऊदी न्यूज़ के एक हैंडल से यह जानकारी शेयर की गई जिसके बाद भारतीय प्रवासियों और शिपिंग सेक्टर में हलचल मच गई. हालांकि भारत सरकार और संबंधित मंत्रालयों ने इस पर ताज़ा जानकारी साझा की है जिससे साफ़ होता है कि स्थिति वैसी नहीं है जैसा सोशल मीडिया के दावों में कहा जा रहा है.
क्या सच में भारतीय जहाज हॉर्मुज में कैद हैं?
भारत सरकार और नौसेना ने स्पष्ट किया है कि भारतीय झंडे वाले जहाज इस रास्ते से सुरक्षित निकल रहे हैं. खाड़ी क्षेत्र में जहाजों की स्थिति को लेकर सरकार लगातार मॉनिटरिंग कर रही है.
- 6 अप्रैल 2026 को Green Asha नाम का LPG टैंकर इस रास्ते को सुरक्षित पार कर चुका है.
- Jag Vikram नाम का केवल एक जहाज अभी नौसेना के निर्देशों का इंतज़ार कर रहा है.
- Green Sanvi जहाज भी पहले ही सुरक्षित निकल चुका है और 7 अप्रैल तक भारतीय बंदरगाह पर पहुँचने की उम्मीद है.
- खाड़ी क्षेत्र में मौजूद 16 जहाजों का मतलब उनका पकड़ा जाना नहीं बल्कि वहां उनकी सामान्य मौजूदगी है.
भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए उठाए गए बड़े कदम
भारत ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को देखते हुए अपनी समुद्री व्यापारिक लाइनों की सुरक्षा काफी बढ़ा दी है. इसके लिए भारतीय नौसेना ने Operation Urja Suraksha शुरू किया है ताकि तेल और गैस की सप्लाई बिना किसी रुकावट के बनी रहे. मंत्रालय के मुताबिक खाड़ी के पश्चिमी हिस्से में कुल 17 जहाज मौजूद हैं जिनमें 460 भारतीय नाविक सवार हैं और उन पर लगातार नज़र रखी जा रही है. भारत कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत कर रहा है ताकि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत जहाजों का आना-जाना सुरक्षित बना रहे. ब्रिटेन में हुई एक बैठक में भी भारत ने इस समुद्री रास्ते को खुला रखने पर चर्चा की है.
